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चोट के कारण डॉक्टर ने मना किया फिर भी खेलीं श्रुति, अब वर्ल्ड चेंपियनशिप में बरसाएंगी मुक्के

तीन माह पहले लगी थी चोट, इलाज के बाद फाइनल खेलने आईं, श्रुति यादव दिल्ली में विश्व मुक्केबाजी में दिखाएंगी दमखम

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भोपाल. नेशनल एलीट महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में वे चोटिल हो गईं थीं। डॉक्टर ने उन्हें खेलने से मना कर दिया लेकिन वे नहीं मानीं. इलाज कराया और फाइनल खेला। हालांकि वे हार गईं और उन्हें सिल्वर से ही संतोष करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपनी काबिलियत जता दी। अब उन्हें विश्व मुक्केबाजी के लिए चुना गया है।

मप्र बॉक्सिंग अकादमी की मुक्केबाज श्रुति यादव का चयन इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन की ओर से दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए किया गया है। वे भारतीय टीम का हिस्सा बनी हैं। श्रुति यादव 70 किग्रा भार वर्ग में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।

श्रुति को पिछले दिनों भोपाल में नेशनल एलीट महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप के दौरान चेहरे पर चोट लग गई थी। कोच रोशन लाल के अनुसार वो सेमीफाइनल खेल रही थीं तब चोटिल हो गईं। इस कारण श्रुति को इलाज कराने के लिए हॉस्पिटल ले जाना पड़ा था। मैच के बाद डॉक्टर ने उन्हें फाइनल खेलने से मना किया, लेकिन श्रुति ने कहा कि वे फाइनल खेलेंगी। वे फाइनल हार गईं और उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ा लेकिन उन्होंने अपनी मानसिक मजबूती भी दर्शा दी।

श्रुति को बचपन में पापा ने बॉक्सिंग शुरू करने के लिए कहा था। तब चोट लगती थी तो मां खेलने से मना कर देती थीं लेकिन परफॉरमेंस को देखकर मां भी उन्हें सपोर्ट करने लगीं। नेशनल में श्रुति ने पांच नेशनल मेडल जीते हैं।

श्रुति 2015 में चीनी ताइपे में हुए जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में खेल चुकी हैं। इस खिलाड़ी ने इससे पूर्व बुल्गारिया में 74 वीं अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग टूर्नामेंट में कांस्य पदक जीता था। बुल्गारिया में श्रुति ने अपने इंटरनेशनल कॅरियर का चौथा पदक जीता। इससे पहले उन्होंने एक सिल्वर और दो ब्रांज मेडल जीते थे।