23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

टूट गई जालियां जस की तस

हाथों में बैनर लेकर महिलाओं ने निकाला कैंडल मार्च, संभागीय दल करेगा प्रसूता की मौत की जांचतालाब की सेहत से खिलवाड़
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

deepak tripathi

•

Updated: 11 Jul 2018, 3:32 PM IST

bhopal, bhopal news, bhopal patrika, patrika news, patrika bhopal, bhopal mp,

टूट गई जालियां जस की तस

भोपाल/ शाहपुरा. प्री मानसून बारिश के साथ आई तेज आंधी के कारण धराशाई हुई शाहपुरा तालाब की सुरक्षा जालियों को जस का तस छोड़ दिया गया है। हालात ये हैं कि टूटी जालियां सड़क किनारे पड़ी हुई हैं, जिससे मॉर्निंग वॉक के लिए आने वाले लोगों को चोट लगने की आशंका बनी रहती है। हालात ये हैं कि जालियों की मरम्मत करने के लिए नगर निगम एवं सीपीए के बीच मामला अटका हुआ था। तालाब के संरक्षित करने के लिए यहां जालियां लगाई गई थीं, पर सरकारी महकमों के बीच खींचतान के कारण इनकी मरम्मत नहीं हो सकी है। देखरेख नहीं होने से कमजोर हो चुकी जालियां पिछले महीने हुई प्री मानसून बारिश में टूट गई थीं। भाग्य से इस दौरान किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई थी।

तालाब की सेहत से खिलवाड़
शाहपुरा एवं आसपास के पांच बड़े नालों से आने वाला गंदा पानी सीधा तालाब में मिल रहा है। नगर निगम ने तालाब के संरक्षण के लिए वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की योजना तो बनाई है, पर ये अमल में नहीं आ सकी है। वहीं तालाब में किसी भी तरह का कचरा फेंकने से रोकने के लिए लगाई गई जालियों की सुध तक नहीं ली जा रही है।


प्री मानसून में टूटी जालियों के मेन्टेनेंस का काम शुरू कर दिया गया है, जल्द ही जालियों को ठीक करवा दिया जाएगा। जल्द ही जालियों को व्यवस्थित करवा दिया जाएगा, जिससे सैलानियों को हो रही असुविधा से निजात मिल सकेगी।
दीप कुमार जैन, कार्यपालन यंत्री, सीपीए

सड़क में गड्ढे होने से खतरे की आशंका
भोपाल के दानापानी में राजधानी की कई सड़के आज भी बदहाली की दंश झेल रही है,लेकिन उसके बाद भी कोई भी जिम्मेदारों द्वारा सड़को को ठीक नहीं करवाया जा रहा है। वार्ड 52 स्थित गुलमोहर से बवाडिय़ा कला की ओर कलियासोत नहर के किनारे बनाई गई सड़को पर गड्ढे होने से हमेशा खतरे की आशंका बनी रहती है। उसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे।