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By Election: प्रदेश में चुनाव के बाद किंगमेकर की भूमिका में होगी बसपा

मध्यप्रदेश में 28 सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव के बारे में क्या कहते हैं बसपा के प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत पिप्पल...। पेश है साक्षात्कार के प्रमुख अंशः

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भोपाल

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Manish Geete

Oct 13, 2020

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ramakant pippal

भोपाल। 28 सीटों पर किस्मत आजमा रही बसपा का दावा है कि उपचुनाव के बाद पार्टी किंगमेकर की भूमिका में होगी। यानी बसपा के बिना सरकार नहीं बनेगी। सरकार में भागीदारी के मामले में पार्टी सुप्रीमो निर्णय लेंगी। यह कहना है प्रदेश बसपा अध्यक्ष रमाकांत पिप्पल का। पत्रिका से बातचीत में उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।

प्रश्नः बसपा सभी 28 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, कितनी सीटें जीतने का अनुमान है?

उत्तरः हमारा फोकस सभी सीटों पर है। उम्मीद है कि चुनाव में १० से १५ सीटों पर पार्टी को सफलता मिलेगी। ऐसे में पार्टी किंगमेकर की भूमिका में होगी।


प्रश्नः बसपा किंगमेकर होगी तो क्या पार्टी सरकार में सहयोगी होगी या नहीं?

उत्तरः सरकार में भागीदारी का फैसला मायावती करेंगी।

प्रश्नः पार्टी ने सभी 28 सीटों पर चुनाव लडऩे का दावा किया, एक सीट पर अभी तक उम्मीदवार घोषित नहीं हो पाया?

उत्तरः बड़ामलहरा सीट का उम्मीदवार जल्द घोषित होना है। यहां दावेदार अधिक है। जिताऊ को टिकट मिलेगा।

प्रश्नः मैदान में भाजपा-कांग्रेस जैसे बड़े दल हैं। आपका दावा कहां तक सही होगा?

उत्तरः उम्मीदवार तय होने के पहले तीन दौर का सर्वे किया है। कार्यकर्ताओं की राय ली गई। सभी उम्मीदवारों में पार्टी कार्यकर्ताओं की मुहर है। सहमति से नाम तय हुए हैं।

प्रश्नः बाहरी को टिकट देने का कारण क्या रहा?

उत्तरः पार्टी की विचारधारा वालों को टिकट दिया है। जहां तक भांडेर का सवाल है, वहां कांग्रेस से आए महेन्द्र बौद्ध को टिकट दिया है। वे पार्टी विचारधारा वाले जिताऊ उम्मीदवार हैं।

प्रश्नः क्या कुछ सीटों पर टिकट बदलने का भी दबाव है?

उत्तरः पार्टी किसी भी सीट पर उम्मीदवार नहीं बदलेगी। हां यह सही है कि अन्य दल संपर्क कर रहे हैं कि उम्मीदवार बदल दिया जाए। उन्हें खतरा है कि इसलिए वे ऐसा कह रहे हैं।

प्रश्नः कांग्रेस सरकार में बसपा सहयोगी के रूप में रही, अब पार्टी का कांग्रेस से मोह भंग क्यों हो गया?

उत्तरः 2 अप्रेल 2019 को भारत बंद के दौरान अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए। ये झूठे मुकदमे थे। कांग्रेस ने इन्हें वापस लेने का वादा था किया था, लेकिन डेढ़ साल के कार्यकाल में कांग्रेस सरकार ने ऐसा नहीं किया।

IMAGE CREDIT: net