भोपाल। प्रदेश के बस स्टैंड को अब गुजरात मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश की एक टीम गुजरात के चुनिंदा बस स्टैंड का मुआयना करके आई है। इसके बाद सरकार की मंशा है कि बस स्टैंड विकसित करने के लिए पीपीपी मोड पर काम किया जाए। इसके लिए सरकार जल्द ही पूरा प्रोजेक्ट बनाकर नियमों का निर्माण भी करेगी।
प्रदेश सरकार ने परिवहन व्यवस्था को नए सिरे से रिफॉर्म करने की शुरुआत की है। इसके तहत गुजरात की परिवहन व्यवस्था और बस स्टैंड का मुआयना करने के लिए परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव एसएन मिश्रा सहित अफसरों की एक टीम गुजरात गई थी। वहां अहमदाबाद, बड़ोदरा सहित प्रमुख बस स्टैंड का टीम ने निरीक्षण किया है। इसके बाद अब बस स्टैंड के विकास की योजना बनाई जा रही है। इसमें विचार मंथन हो रहा है कि पीपीपी मोड पर निजी निवेशकों को सरकार जमीन उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद निजी निवेशक वहां बस स्टैंड व कॉम्पलेक्स का निर्माण करेगा। इस निर्माण की लागत निवेशक वहां की संपत्ति के जरिए निकाल सकेगा। इसमें बस स्टैंड संचालन की व्यवस्था को लेकर नए नियम भी तैयार होंगे।
बस स्टैंड संचालन
निजी निवेशक बस स्टैंड का निर्माण जरूर करेगा, लेकिन संचालन सरकार के अधीन रहेगा। परिवहन के लिए गठित कंपनी ही बस स्टैंड संचालन संबंधित पूरा काम देखेगी। इसमें सारे बस स्टैंड के लिए यूनिफार्म सिस्टम लागू होगा।
कहां पर होगी शुरुआत
सरकार अभी एेसे स्थानों को चिह्नित करने में जुटी है, जहां सड़क मार्ग पर बहुत टै्रफिक है, जबकि वहां बस स्टैंड नहीं है। प्रमुख रूट्स पर बस स्टैंड बनाए जाएंगे। इसमें भोपाल-इंदौर के आस-पास के इलाकों को प्रमुखता से देखा जाना है।