
भोपाल@हरीश दिवेकर की रिपोर्ट...
कई बार कैब बुक करने के बावजूद कैब की ओर से आखिरी समय में बुकिंग निरस्त कर देना आम लोगों के लिए भारी परेशानी का कारण बन जाता है। जनता की सुविधा को देखते हुए राज्य सरकार जल्द ही नए नियम लागू करने जा रही है।
इन नए नियमों के तहत यदि आपने मोबाइल ऐप से कैब बुक की और आखिरी समय में वह निरस्त हो गई, तो कैब कंपनी को अब एक हजार रुपए का जुर्माना भरना होगा। राज्य सरकार जल्द ही शहरी यात्रियों की सुविधा के लिए कैब, ऑटो तथा किराए की बाइक के लिए नए नियम लागू करने जा रही है।
परिवहन विभाग ने अक्टूबर 2017 में प्रकाशित इन नियमों को आपत्ति-सुझाव के बाद अंतिम रूप दे दिया है। विधि विभाग की मंजूरी मिलते ही इसे जारी कर दिया जाएगा।
इसके लागू होते ही कैब संचालन के लिए परिवहन विभाग से लाइसेंस लेना होगा। कैब कंपनियों को 24 घंटे चलने वाले कॉल सेंटर संचालित करने होंगे और हर कैब का लाइव जीपीएस डेटा परिवहन विभाग के कंट्रोल सेंटर को सौंपना होगा।
रजिस्ट्रेशन के लिए 25 वाहन जरूरी
रजिस्ट्रेशन के लिए कंपनी के पास न्यूनतम 25 वाहन होना चाहिए। फिर वे खुद के हों या फिर अनुबंध पर लिए हों। कंपनी को कार के लिए दस लाख, ऑटो के लिए दो लाख और मोटरसाइकल के लिए एक लाख रुपए की प्रतिभूति परफारमेंस गारंटी में देनी होगी।
लाइसेंस का समय पर नवीनीकरण नहीं होने पर 5 हजार रुपए प्रतिमाह की पेनाल्टी देनी होगी। आरटीओ की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं होने पर कैब कंपनी 30 दिन में परिवहन आयुक्त के यहां अपील कर सकेगी।
ऐसे होगा नियंत्रण
अभी कंपनी खुद ही पूरी तरह कैब का संचालन करती हैं। इसमें आरटीओ के पास इसका कंट्रोल नहीं है। नए कानून में यह पूरी तरह से आरटीओ के नियंत्रण में आ जाएंगी। इससे इनके संचालन से लेकर शिकायत मिलने पर कार्रवाई तक के अधिकार होंगे।
यात्री से दुव्र्यवहार पर कंपनी जिम्मेदार
नई नीति के अनुसार यात्री छेडख़ानी या ड्राइवर के दुव्र्यवहार की शिकायत करता है तो शिकायत कंपनी को पुलिस में दर्ज करानी होगी।
वह ऐसा नहीं करती है तो कंपनी को ड्राइवर के संग जिम्मेदार माना जाएगा। कैब में यात्रा के दौरान हुई दिक्कतों की शिकायत के लिए कंपनी को मोबाइल ऐप या फोन नंबर देना होगा। कंपनी को 15 दिन में शिकायत का निराकरण भी करना होगा।
प्रदेश में कैब में सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ये नियम बनाए हैं। विधि विभाग की मंजूरी मिलते ही इन्हें लागू कर दिया जाएगा।
- मलय श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव, परिवहन विभाग
Published on:
10 Aug 2019 06:57 am
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