
प्रवेश के लिए उम्र बढ़ाई गई
एमपी में सेंट्रल स्कूलों यानि केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए बच्चों की आयु सीमा में बदलाव हो गया है। प्रवेश के लिए उम्र बढ़ाई गई है। अब इन स्कूलों में प्रवेश के लिए छह साल की उम्र जरूरी कर दी गई है। इससे कम उम्र के बच्चों को प्रवेश दिलाने ले गए तो आपको स्कूल से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
इन स्कूलों में कक्षा 1 से लेकर कक्षा 9 तक के लिए एडमिशन की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा इसके लिए गाइडलाइन भी जारी की दी गई है। सेंट्रल स्कूलों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।
सेंट्रल स्कूलों में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए पिछले सत्र से बच्चों की उम्र को बढ़ा दिया गया था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कक्षा पहली में पंजीयन के लिए सत्र 2022-23 से बच्चे की उम्र 6 साल कर दी गई थी। इससे पहले प्रवेश के लिए यह आयु सीमा पांच साल थी।
हालांकि इसपर कई जगहों पर अमल नहीं किया जा रहा था। इस संबंध में लगातार शिकायते मिलने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने एमपी सहित सभी राज्यों को पत्र भेजकर स्कूलों में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए न्यूनतम उम्र 6 साल संबंधी आदेश पर अमल करने के निर्देश दिए।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) व अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत यह फैसला लिया गया है। मंत्रालय ने पत्र में कहा कि स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने वाला है। ऐसे में सभी स्कूल यह तस्दीक कर लें कि कक्षा एक में दाखिले के समय बच्चे की उम्र कम से कम 6 साल हो।
गौरतलब है कि नई शिक्षा नीति में कक्षा-1 में प्रवेश के समय बच्चे की उम्र 6 साल रखने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसका पालन नहीं हो रहा है। अलग अलग राज्यों में कक्षा एक में प्रवेश की उम्र अलग-अलग है। राजधानी दिल्ली सहित कई केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों में 6 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रवेश दिया जा रहा है।
Published on:
27 Feb 2024 02:56 pm
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