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55 रुपए किलो मिलेगी दाल, सरकार ने लांच की भारत दाल

दाल मात्र 60 रुपए किलो मिलेगी, अगर कोई ये दाल अधिक मात्रा में लेना चाहता है, तो उसे 5 रुपए की और भी छूट मिल जाएगी.

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55 रुपए किलो मिलेगी दाल, सरकार ने लांच की भारत दाल

55 रुपए किलो मिलेगी दाल, सरकार ने लांच की भारत दाल

इंदौर. उपभोक्ताओं को सस्ते दामों पर दाल उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने भारत दाल लांच कर दी है, ये दाल मात्र 60 रुपए किलो मिलेगी, अगर कोई ये दाल अधिक मात्रा में लेना चाहता है, तो उसे 5 रुपए की और भी छूट मिल जाएगी, यानी 1 किलो दाल 60 रुपए में और कोई 30 किलो का पैकिंग लेता है तो उसे 55 रुपए किलो में दाल मिलेगी।

आपको बतादें कि मध्यप्रदेश में अभी दालों के दाम आसमान छू रहे हैं। हालही तुवर की दाल के दाम 150 रुपए तक पहुंच गए थे, जो वर्तमान में भी 130 से 140 रुपए किलो बिक रही है, इस कारण दाल खरीदना आमजन के लिए भी मुश्किल होता जा रहा है, ऊपर से बारिश के सीजन में सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। टमाटर 150 रुपए किलो तक पहुंच गया है और अन्य सब्जियां भी 50 रुपए किलो से ऊपर है। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा भारत दाल के नाम से चना दाल लांच की है, जो उपभोक्ताओं को महज 60 रुपए किलो में मिलेगी।

आपको बतादें कि यही चना दाल बाजार में वर्तमान में 75 से 80 रुपए किलो बिक रही है, क्योंकि होलसेल में ही इसके दा 6700 से 7200 रुपए किलो है, वहीं मंडी में चने की नीलामी 5250 रुपए किलो से लेकर 5300 रुपए तक हो रही है, ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा नाफेड के माध्यम से बेची जाने वाले दाल उपभोक्ताओं को काफी सस्ती पड़ेगी, अगर वे 30 किलो का पैक लेते हैं, तो उन्हें ये सीधे 55 रुपए किलो मिलेगी।

केंद्र सरकार लोगों को महंगे चावल-दाल से राहत दिलाने के लिए सस्ती कीमतों पर चावल और दाल की बिक्री करने की तैयारी में है। खुले बाजार में चावल की सरकारी बिक्री को ठंडा रिस्पॉन्स मिलने के बाद सरकार ओपन मार्केट सेल स्कीम (ओएमएसएस) के तहत बेचे जाने वाले चावल की कीमत को कम कर सकती है। ओएमएस के तहत सरकार चावल की बिक्री के लिए लगातार ई-नीलामी कर रही है, लेकिन खरीदार नहीं मिल रहे हैं।

पिछले एक पखवाड़े में आयोजित पहली दो साप्ताहिक ई-नीलामी में प्रस्तावित 4 लाख टन की तुलना में सिर्फ 460 टन चावल की बिक्री हुई। अब अगली नीलामी बुधवार को होगी। चावल कारोबारियों का कहना है कि सरकार की ओर से ई-नीलामी के लिए तय किया गया 31 रुपए प्रति किलो का बेंचमार्क प्राइस बाजार में उपलब्ध समान किस्म के चावल की कीमतों से ज्यादा है। यही वजह है कि सरकारी चावल का उठाव कम देखने को मिल रहा है।

लेटर ऑफ क्रेडिट की मांग बढ़ी

सरकार की ओर से चावल के निर्यात पर अंकुश लगाने की आशंका से निर्यात सौदों ने जोर पकड़ लिया है। इससे लेटर ऑफ क्रेडिट की मांग बढ़ गई है, ताकि निर्यात पर अंकुश लगने पर इसके जरिए चावल निर्यात किया जा सके।

हर हफ्ते ई-ऑक्शन: चावल, आटा और गेहूं की रिटेल कीमतों पर लगाम लगाने के लिए एफसीआइ हर हफ्ते ई-ऑक्शन कर रहा है। सस्ता चना व चावल बेचने के साथ सरकार कम कीमत पर टमाटर बेच रही है।

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