
पड़ने जा रहा है सदी का सबसे बड़ा चंद्रग्रहण, इन राशियों का होगा नुकसान, इनको होगा लाभ
भोपालः पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की ओर से एक रिपोर्ट सामने आई जिसमें बताया गया कि, इस महीने में आने वाली 27 और 28 जुलाई की मध्य रात्रि को इस सदी का सबसे बड़ा चंद्रग्रहण पड़ने जा रहा है। सबसे बड़ा चंद्रग्रहण होने का मतलब है कि, यह ग्रहण चंद्रमा पर सबसे ज्यादा लंबे समय रहने वाला है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अनुसार 27 और 28 जुलाई की मध्य रात्रि को पड़ने वाले इस गृहण की पूर्ण अवधि लगभग 3 घंटा 55 मिनट तक रहेगा। बता दें कि, इस हिसाब से यह इस सदी का यानि साल 2001 से साल 2100) तक का सबसे लंबा ग्रहण होने वाला है। इसका मतलब यह हुआ कि साल 2001 से अब तक भी इससे बड़ा चंद्रग्रहण तो पड़ा नहीं आगामी साल 2100 तक भी इतने लंबे समय तक चंद्रग्रहण नहीं पड़ेगा। मंत्रालय के मुताबिक, यह चंद्रग्रहण मध्य प्रदेश समेत देशभर में कई जगहों से साफ देखा जाएगा।
इन राशियों पर होगा प्रभाव
लगभग चार घंटों तक चलने वाले इस चंद्रगृहण के कारण कई राशियों पर इसका प्रभाव भी पड़ेगा। कुछ राशियों के लिए यह लाभकारी साबित होगा तो, कुछ के लिए नुकसानदायी भी साबित होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह खग्रास चंद्रग्रहण उत्तराषाढ़ा-श्रवण नक्षत्र तथा मकर राशि में लगने जा रहा है। इसलिए जिन लोगों का जन्म उत्तराषाढ़ा-श्रवण नक्षत्र और जन्म राशि मकर या लग्न मकर है उनके लिए ग्रहण अशुभ रहने वाला है। इसके अलावा मेष, सिंह, वृश्चिक व मीन राशि के जातकों को लिए यह ग्रहण श्रेष्ठ रहेगा। इसके अलावा वृषभ, कर्क, कन्या और धनु राशि के लिए ग्रहण मध्यम फलदायी रहने वाला है। साथ ही, मिथुन, तुला, मकर व कुंभ राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण अशुभ साबित होगा।
3 घंटा 55 मिनट होगा पूर्ण गृहणकाल
आगामी सप्ताह में पड़ने वाले इस ग्रहण से संबंधित जानकारी देते हुए मंत्रालय ने बताया कि, 'आंशिक रूप से इस चंद्र ग्रहण की शुरुआत 27 जुलाई को भारतीय समयानुसार रातरि 11.54 मिनट से शुरू हो जाएगी। इस दौरान चांद पर धरती की छाया पड़ना शुरु हो जाएगी, जो धीरे-धीरे बढ़ेगा जो 28 जुलाई की रात करीब 1 बजे तक धरती की यह छाया पूरे चांद को ढंक देगी, इससे समय चांद एक सुर्ख लाल रंग की काया ले लेगा, जिसे भारत के कई स्थानो से बिना किसी उपकरण के इस्तेमाल किए भी देखा जा सकेगा।इसके बाद यह ग्रहण धीरे धीरे चांद से हटना शुरि हो जाएगा जो लगभग एक घंटा पचास मिनट पूर्ण करके 28 जुलाई की रात करीब 3.49 मिनट पर चांद धरती की छाया से बाहर निकल आएगा।
पहले इन चंद्रगृगणों को माना जाता था अव्वल
बता दें कि, इससे पहले धर्ती से दिखने वाला सबसे बड़ा चंद्रगृहण साल 2000 की 16 जुलाई को पड़ा था, जिसकी अवधि 1 घंटे 46 मिनट मांपी गई थी। अब तक पड़े सबसे बड़े चंद्रगृहणों की श्रेणी में दूसरा स्थान मिला था साल 2011 में पड़ने वाले गृहण को, जिसकी समय सीमा लगभग 1 घंटे 40 मिनट रहू थी।
लालगृह भी होगा आकर्षण का केंद्र
इस घटना के अलावा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने एक औ र बड़ी खगोलीय घटना घटने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि, 27 जुलाई को ही एक और खास घटना घटने वाली है। इसी रात को सूर्य के सामने लाल ग्रह कहा जाने वाला मंगल भी आजा जाएगा इस समय सूर्य और मंगल के बीच पृथ्वी आ जाएगी। मंगल के पृथ्वी के ज्यादा करीब आ जाने के कारण यह स्थिति बनेगी। इस कारण इस रात को यह लाल ग्रह भी सामान्य से ज्यादा चमकीला और नज़दीक होगा। धरती पर रहने वालों के नज़दीक हमेशा चर्चा का विषय रहने वाला यह लाल ग्रह इस बार धरती के इतना करीब होगा कि इसे बिना किसी दूरदर्शी उपकरण के भी भारत समेत कई राज्यों से आसानी से देखा जा सकेगा।
Published on:
21 Jul 2018 12:56 pm
