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ई-व्हीकल के लिए बनेंगे 37 चार्जिंग स्टेशन, 27 होंगे फास्ट और 10 होंगे स्लो चार्जिंग स्टेशन !

पेट्रोल पंप की तर्ज पर खोलने होंगे चार्जिंग स्टेशन

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Charging stations

भोपाल। मप्र सरकार को ई-व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए कई परिवर्तनों की आवश्यकता है। शहर में औसत रूप से रोज 5 ईवी रजिस्टर्ड हो रहे हैं लेकिन इस अनुपात में अभी इतने चार्जिंग पाइंट नहीं हैं। चार्जिंग पाइंट का लोकल प्लान अभी कागजों तक सीमित है और जमीन पर गिनती के पॉइंट मौजूद हैं। जानकारों की राय में जिस गति से नए ईवी बिक रहे हैं उसके मुकाबले सरकार को अगले पांच साल में पेट्रोल पंप की तर्ज पर चार्जिंग पॉइंट बनाने होंगे। ऐसा नहीं होने पर लोग लोकल बिजली कनेक्शन से वाहन चार्ज करेंगे जिससे दुर्घटनाएं बढ़ेंगी। इसके अलावा प्रदेश में महाराष्ट्र की तरह ई व्हीकल खरीदने पर सब्सिडी देकर लोगों को बढ़ावा दिया जा सकता है।

यूपी लेकर आ रहा नई पॉलिसी

यूपी भी 2022-27 की ईवी पॉलिसी ला रहा है, जिसमें सब्सिडी देने का प्रावधान है। यूपी भी पहले सब्सिडी नहीं देता था, लेकिन अब इसका प्रावधान किया जा रहा है। अकेले उत्तर प्रदेश में इस प्रावधान से 50 हजार करोड़ निवेश की संभावना बढ़ गई है।अगर मप्र सरकार भी सब्सिडी का विकल्प खोलती है तो यहां भी 20 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश का रास्ता खुलने के साथ ई व्हीकल की संख्या बढ़ सकती है।

चार्जिंग स्टेशन का लोकल प्लान

भोपाल में बनाए जाने वाले 37 चार्जिंग स्टेशनों में से 27 फास्ट और 10 स्लो चार्जिंग स्टेशन होंगे। इन स्टेशनों में टू व्हीलर, थ्री व्हीलर और फोर व्हीलर वाहन चार्ज हो सकेंगे। अभी रेलवे स्टेशन, मल्टी लेवल पार्किंग, गोविंदपुरा स्मार्ट सिटी कैंपस, भोपाल एयरपोर्ट पर ये सुविधा है। देश में महाराष्ट्र ऐसा राज्य है जहां सबसे ज्यादा सब्सिडी देकर ई व्हीकल की संख्या बढ़ाई जा रही है। इससे वहां ईवी का बाजार काफी बढ़ गया है साथ ही उसके चार्जिंग स्टेशन को लेकर भी जगह-जगह पाइंट बनाकर विद्युत दरों में राहत दी गई है।

राजेंद्र कोठारी, शहरी मामलों के जानकार का कहना है कि ईवी को कॉमन बनाने के लिए सरकार को मूलभूत सुविधाएं जुटानी होंगी। शहर के हर इलाके में इसके चार्जिंग पाइंट बनने चाहिए ताकि लोग सहूलियत एवं सुरक्षित तरीके से वाहनों को चार्ज करवा सकें।

ये टिप्स करेंगे मदद

-केंद्र सरकार सबसे कम 5 फीसदी जीएसटी लेता है

-महाराष्ट्र रजिस्ट्रेशन रोड टैक्स माफ की सब्सिडी देता है।

-गुजरात, असम और प. बंगाल सब्सिडी में 1.50 लाख तक हैं।

-ओडिशा एक लाख रुपए तक का इन्सेंटिव देता है।

-मध्यप्रदेश में ईवी पर एक प्रतिशत टैक्स लगता है।

-मेघालय 60 हजार रुपए सब्सिडी प्रदान करता है।

आज तक बिके ई वाहन

ई-रिक्शा - 1708

चार पहिया - 136

ईलोडिंग ऑटो - 126

दोपहिया - 1008

अन्य - 3845

कुल - 6823 ई-वाहन