9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

BE ALERT: प्लॉट या घर खरीदने जा रहे हैं तो इन 8 बातों पर जरूर दें ध्यान

BE ALERT: कलेक्टर ने पुलिस आयुक्त को लिखा पत्र, 92 कॉलोनाइजर्स पर दर्ज होगी एफआइआर भू-माफिया अभियान में पिछली बार हुई थी 58 बिल्डरों पर एफआइआर, इसमें से कुछ ने बाद में भी बेचे प्लॉट

2 min read
Google source verification
check_these_eight_points_compulsory_when_buying_property_know_the_points.jpg

BE ALERT: अगर आप अपनी गाढ़ी कमाई से प्लॉट, मकान, डुप्लेक्स, फ्लैट खरीदने जा रहे हैं तो बिल्डर के पास आठ प्रमुख अनुमतियां जरूर देख लें। इसमें कॉलोनाइजर लाइसेंस, टीएंडसीपी का एप्रूव्ड नक्शा, विकास अनुमति, पंचायत क्षेत्र में कटी कॉलोनी में इसे कलेक्टर जारी करते हैं, नगर निगम सीमा में इसे कमिश्नर देते हैं। बिल्डिंग परमिशन, जमीन का डायवर्सन, किसान और बिल्डर के अनुबंध की कॉपी, प्रोजेक्ट की पूरी डिजाइन और एप्रूव्ड नक्शा। अगर किसी बिल्डर के पास ये सब नहीं है और आपको सस्ते में प्लॉट बेचने का झांसा दे रहा है तो न खरीदें। क्योंकि जांच के बाद ऐसे 92 बिल्डरों पर एफआइआर कराने कलेक्टर आशीष सिंह ने पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा है। इन कॉलोनियों में 600 ये 5000 स्क्वायर फीट साइज तक 10 से 12 हजार प्लॉट काटे गए हैं। एफआइआर के बाद प्रशासन इन पर कार्रवाई करेगा।

कोपरा, गिट्टी डालकर बना देते हैं सड़क, देते हैं भ्रामक जानकारी अवैध कॉलोनी काटने वाले किसान से सौ रुपए के स्टांप पर अनुबंध करने के बाद उस पर कोपरा और गिट्टी डालकर सड़क बनवा देते हैं। फिर शुरू होता है बार्गेनिंग का खेल। कलेक्टर ने बताया कि नगर निगम और टीएंडसीपी ने रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें इन अवैध कॉलोनियों की सूची है। इनमें किसानों, संस्था, बिल्डर, कॉलोनाइजर आम जनता को भ्रामक जानकारी और धोखा देकर प्लॉट, मकान का विक्रय कर रहे हैं।

कैनोपी तो कहीं बोर्ड लगाकर काटी कॉलोनी

प्लॉट के मामले में इस समय रातीबड़, नीलबड़ और अयोध्या बायपास का क्षेत्र पीक पर है, यहां सबसे ज्यादा अवैध कॉलोनी कट रही हैं। 46 अवैध कॉलोनी तो रातीबड़ में कटी हैं। यहां की सड़कों पर कई जगह कैनोपी लगाकर 600 रुपए से रेट शुरू करने के साथ डेढ़ से दो लाख रुपए में प्लॉट देने का झांसा दिया जाता है। लोन भी दिलाने की बात कहते हैं। लेकिन आप इनके जाल में न फंसे, क्योंकि न तो इनके पास कोई वैध दस्तावेज होता है और न इनकी बैंक सही रहती हैं। साहूकारों की बैंक से लोन दिलवाकर जिंदगी भर के लिए कर्जदार बना देते हैं।

किस थाने में किस पर होगी एफआइआर

रातीबड़ की 46 कॉलोनियां अवैध

नगर निगम क्षेत्र के बरखेड़ी कला में कमल ङ्क्षसह, सुनीता गुप्ता, चमेली बाई, प्रेमचंद कौल, प्रभात जैन, रीना बसंल, रीना जैन, अंकिता ङ्क्षसह, एमआर पंडित, सीमा श्रीवास्तव, चंद्रप्रकाश मारन, मंगीलाल, वेलसम्मा, निर्मला सराठे, अल्का ठाकुर, राजकुमार गौर, मोरीलाल, ए.एंड कंपनी पीयूष गुप्ता, वीरेन्द्र सिंह, सुषमा सक्सेना, राधाकृष्ण शर्मा, करण सिंह, ग्राम गौरा सुरेश मेनन।

खुदागंज : नवाब खान, ग्राम बरखेड़ी खुर्द वंदना तिवारी, मोहन कुमार, बरखेड़ी कलां मुकेश गोयल, ग्राम गौरा यूनिट वेजय रियल्टर्स प्रा.लि डायरेक्टर अनिल विश्वकर्मा,

बिशनखेड़ी : दुर्गा श्रीवास्तव, गौरव सिंह चौहान, गगन कुमार सिंह, दुर्गा श्रीवास्तव, ग्राम गौरा मुंशीलाल, गजराज सिंह, नवाब जादा नादिर रसीद, राजकुमार मोटवानी, ग्राम बरखेड़ी खुर्द मदन गोपाल भावसार, योगिता चौरसिया, त्रिलोक सिंह, चंदनपुर विनोद शर्मा, ग्राम बरखेड़ी खुर्द जयप्रकाश गुप्ता, जितेन्द्र रघुवंशी, उषा रघुवंशी, महेश सबरीकर, भास्कर दत्त, सेवनियां गौड एआईएम इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपर्स पार्टनर कैलाश मारण शामिल है।

छोला थाना में 8 अवैध कॉलोनी

ग्राम खेजड़ा बरामद में : सिराज व अन्य, मालीखेड़ी में विनोद कुशवाहा, अजहर खान, कल्लू साहू, मनोज कुशवाहा, सुरेश लोधी, द्वारका पिता शंकरलाल, छोला में कालूराम साहू ने अवैध कॉलोनी का निर्माण किया।

सात साल तक सजा, आठ लाख तक जुर्माना

इस मामले में बिल्डर पर दो से सात साल तक सजा का प्रावधान और आठ लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है। कुछ ऐसे भी केस हैं जिनमें अनुमतियों में धोखाधड़ी पर जुड़कर ज्यादा जुर्माना भी हुआ है।