
Cheetah Project First Anniversary : जन्म से इस भारतीय चीते का नामकरण करने के साथ ही देश में और वह भी मप्र के कूनो में चीता प्रोजेक्ट की पहली सालगिरह पर कहां और किन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है... मप्र के कूनो नेशनल पार्क में 17 सितंबर 2022 को शुरू हुआ चीता प्रोजेक्ट रविवार को एक साल का हो जाएगा। इस एक साल में चीतों की लगातार मौतों ने प्रशासन से लेकर मप्र और केंद्र सरकार की मुश्किलें बढ़ाईं। भारत की जमीं पर जन्मे 4 शावकों की न्यूज खुशी बनकर बिखरी। लेकिन बाद में 3 चीता शावकों की मौत ने उदास भी कर दिया। फिर उम्मीद जगी एकमात्र चीता शावक से जो भारत की जमीं पर जन्मे शावकों में से जिंदा बचा था।
27 मार्च को जन्मा यह चीता शावक एक फीमेल चीता है। चीता प्रोजेक्ट की पहली एनिवर्सरी पर वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 6 महीने के हुए इस फीमेल चीते के नामकरण की तैयारी की है। वहीं एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित कर भारत में चीतों के पुनर्वास के साथ आबादी बढ़ाने के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की पहली सालगिरह मनाने जा रहा है। आगे बढ़ने से पहले बता दें कि अब देश को इस फीमेल चीता से बहुत उम्मीद बंधी है। चीता प्रोजेक्ट की सफलता में यह बड़ी अहम भूमिका निभा सकता है।
जाने फीमेल चीता शावक के बारे में ये फैक्ट
भीषण गर्मी से हो गई थी 3 शावकों की मौत
आपको बताते चलें कि कूनो में जन्में चार शावकों में से 3 शावक उस समय पड़ रही भीषण गर्मी को झेल नहीं पाए और उनकी मौत हो गई। जबकि एक चीता शावक सर्वाइव कर गया। एक्सपट्र्स की टीम इस चीता शावक पर पैनी नजर बनाए हुए थी। तीन शावकों की मौत के बाद उसे सुरक्षित रखने के लिए अस्पताल ले जाया गया। कुछ दिन में उसकी हेल्थ बेहतर होने के बाद उसे उसकी मां के पास छोड़ दिया गया था। लेकिन उसकी मां ने उसे अपनाया ही नहीं। बल्कि उस पर हमला करने झपटी। जिसके बाद एक्सपट्र्स ने उसे मां से अलग रखा है। लेकिन उसे बाड़े में ऐसे रखा गया है कि उसे उसकी मां देख सकती है और वह भी अपनी मां को देख सकता है।
वजन और सूरत दोनों परफेक्ट
कुनो नेशनल पार्क में पलकर बड़े हो रहे इस चीता शावक की तस्वीर हाल ही में जारी की गई। एक्सपट्र्स का यह तक कहना है कि यह फीमेल चीता न केवल जन्म से बल्कि सूरत से भी भारतीय ही नजर आ रहा है। दरअसल माना जा रहा है कि भारत में जन्म लेने वाले इस फीमेल चीता शावक की सूरत भारत में एक समय में पाए जाने वाले चीतों जैसी है। यही नहीं एक्सपर्ट की खुशी यह भी है कि चीते का वजन करीब ढाई किलो है। जो इसकी वर्तमान एज के हिसाब से बिल्कुल सही है। ऐसे में उसकी स्वस्थता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पहली सालगिरह पर क्या है कार्यक्रम
आपको बता दें कि चीता प्रोजेक्ट की पहली सालगिरह पर वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम डीजी फॉरेस्ट मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर एक बाइक रैली का आयोजन भी किया जा रहा है। वहीं इस अवसर पर चीता प्रोजेक्ट की एक साल की पूरी जर्नी पर मूवी दिखाई जाएगी।
जानें ये भी
- आपको बता दें कि एमपी में कूनो नेशनल पार्क से चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई।
- 17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामीबिया दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में बनाए गए बाड़े में छोड़ा था। - आज 17 सितंबर रविवार को इस चीता प्रोजेक्ट को शुरू हुए एक साल पूरा हो गया है।
- दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों के आने के बाद इनका कुनबा बढ़ा।
- दक्षिण अफ्रीका से बारह चीतों की यह खेप 18 फरवरी 2023 को लाई गई थी।
-सितंबर में इन चीतों को आए हुए सात महीने हो गए हैं।
Updated on:
16 Sept 2023 05:20 pm
Published on:
16 Sept 2023 04:39 pm
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