
भोपाल. फल और सब्जियों को ताजा और चमकदार दिखाने के लिए कुछ व्यापारी केमिकलों का उपयोग करते हैं, ये स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद नहीं रहते हैं, इसलिए आप इसकी जांच कर फल और सब्जियों का सेवन करेंगे, तो निश्चित ही आपका स्वास्थ भी बेहतर रहेगा।
दरअसल कुछ लोग सब्जियों और फलों को ताजा दर्शाने के लिए केमिकलों से सब्जियों को धोते हैं, जिसका असर फल और सब्जियों पर भी नजर आता है, ये सब्जियां खरीदने के बाद कुछ घंटों तक रखे रखने पर गलने लगती है, इन सब्जियों का सेवन करने से एलर्जी भी हो सकती है, ये किडनी, हार्ट और लीवर पर भी सीधा असर करती है, इसलिए आप कुछ प्रयोग के माध्यम से इसकी जांच कर सकते हैं।
बीमारियां लेती है जन्म
जिला अस्पताल के डॉ. आरके धमनया ने बताया कि एक्स्ट्रा फ्रेश सब्जियों के आकर्षण से बचकर सामान्य रंग रूप वाले फल और सब्जियों का उपयोग करना शरीर के लिए लाभदायक है। सब्जियों के माध्यम से केमिकल शरीर में एकत्र होकर जब बीमारियों को जन्म देने लगते है तब सच्चाई समझ में आती है। दरअसल केमिकल ट्रीटमेंट से सब्जियों की चमक, लुभावने आकार को देखकर खरीदार आसानी से धोखा खा जाते है। एक्स्ट्रा फेश दिखने वाली सब्जियों के सेवन से एलर्जिक रिएक्शन के कारण कई बार हार्ट डिसीज, लिवर व कीडनी फेल होने का खतरा बढ़ जाता है। पेट संबंधी बीमारी, बीपी गैस ट्रबल, कैंसर, फूड प्वाइजनिंग की शिकायत भी होने लगती है।
ऐसे पता कर सकते है केमिकल ट्रीटमेंट
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी राजीव सक्सेना ने बताया कि सब्जी की गंध से उसमें कैमिकल ट्रीटमेंट का पता लगा सकते हैं। सामान्य रंगरूप व फ्रेश दिखाई देने वाली सब्जियां बिना कैमिकल ट्रीटमेन्ट की होती है। सब्जी को करीब 12-16 घंटे तक खुले में रखने पर केमिकल ट्रीटमेंन्ट वाली सब्जी में कुछ कालापन आ जाता है। अधिक हरी सब्जी को पानी से धोकर या हाथ से रगड़कर पता लगा सकते हैं। केमिकल ट्रीटमेंट वाली सब्जी पकने में अधिक समय लेती है। सब्जी विक्रेता ने बताया कि सब्जियां बासी होने से नुकसान को बचाने के लिए उन पर दवा डाली जा रही है। जिससे बासी सब्जियां ताजा सब्जी की तरह चमकदार दिखती हैं और उनके वाजिब दाम मिल जाते हैं।
Published on:
27 Jan 2022 05:25 pm
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