
Child Beggar Campaign
Child Beggar Campaign: सड़क, फुटपाथ और स्लम में तंग घरों में जिंदगी बिताने वाले और भीख मांगने बच्चे भी अब बेहतर जिंदगी जी पाएंगे। बाल भिखारी अभियान के तहत भोपाल में स्लम और स्ट्रीट पर के बच्चों के रहने, पढऩे और खानेपीने की व्यवस्था प्रशासन करेगा। ऐसे बच्चों के रखरखाव की व्यवस्था के लिए नजूल स्तर पर एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही इस पर काम शुरू होगा।
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने अफसरों को डेढ़ माह में गरीब बच्चों के समुचित व्यवस्थापन का समय दिया है। इस दौरान बच्चों की संख्या, स्थिति और सुविधा को देखते हुए सरकारी हॉस्टल, आवासीय स्कूल व अन्य जगहों पर इन्हें रखा जाएगा। ताकि बच्चों की पढ़ाई हो सके।
महिला बाल विकास विभाग समेत बच्चों के लिए काम करने वाले एनजीओ की मदद से बेसहारा और गरीब बच्चों की पड़ताल की। इसके तहत करीब 5000 बच्चों की पहचान की गई। इनमें से 70त्न बच्चे अभिभावकों के साथ हैं, लेकिन उन्हें पढऩे, रहने और खाने की दिक्कतें हैं। इनकी मदद की जाएगी।
गरीब बच्चों के व्यवस्थापन के लिए एसडीएम को योजना बनाने और मदद करने के लिए कहा है। इन्हें सरकारी योजनाओं के तहत लाभन्वित किया जाएगा ताकि बच्चों को बेहतर जिंदगी मिल सके। -कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर
-निराश्रित या अनाथ बच्चों को, गोद लेने के इच्छुक लोगों को गोद दिया जाएगा।
-सरकारी या निजी प्रायोजन के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
-अनाथ बच्चों को बाल देखभाल संस्थानों में भेजा जाएगा।
-छह वर्ष से कम आयु के बच्चों को आंगनवाड़ी में भेजा जाएगा।
-नशड़ी मानसिक या शारीरिक बीमार बच्चों को चिकित्सा मदद
-18 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। छ्व
Published on:
19 Jun 2024 08:51 am

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