
Central Government Report High Triglycerides in kids (फोटो सोर्स : AI जेनरेटेड)
Central Government Report: राजधानी भोपाल समेत राज्य के विभिन्न जिलों के बच्चों में दिल को बीमार करने वाले पदार्थ की मात्रा अधिक पायी गयी है। चिल्ड्रेन इन इंडिया 2025 की रिपोर्ट के अनुसार यहां के 5 से 9 वर्ष के बच्चों के खून में हाई ट्राइग्लिसराइड्स पाया गया है। इससे हृदय संबंधित बीमारियां और स्ट्रोक का खतरा होता है। राष्ट्रीय पोषण सर्वेक्षण के अनुसार प्रदेश में उच्च ट्राइग्लिसराइड्स की दर 35.8 प्रतिशत है। जबकि भोपाल में यह दर लगभग 36 प्रतिशत है। राष्ट्रीय स्तर पर उच्च ट्राइग्लिसराइड्स 34 प्रतिशत बच्चों में में पाया गया।
ट्राइग्लिसराइड्स(Triglycerides in kids) एक प्रकार का लिपिड या वसा है। जब हम खाना खाते हैं, तो शरीर तुरंत जरूरत की ऊर्जा ले लेता है। बची हुई अतिरिक्त कैलोरी (खासकर शर्करा और कार्बोहाइड्रेट से मिलने वाली) शरीर ट्राइग्लिसराइड्स के रूप में फैट सेल्स (चर्बी कोशिकाओं) में जमा हो जाती है। ये एक ग्लिसरॉल और तीन फैटी एसिड्स से मिलकर बने होते हैं। शरीर को ऊर्जा संग्रहीत करने में मदद करते हैं। उपवास या जरूरत के समय यह ऊर्जा का स्रोत बनते हैं। इसके स्रोत अधिक कैलोरी युक्त भोजन (ज्यादा तेल, मिठाई, तली चीजें), शराब, मीठे पेय और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट हैं।
ट्राइग्लिसराइड्स(Triglycerides in kids) बढ़ने से हृदय रोग, स्ट्रोक पैंक्रियाटाइटिस, अग्न्याशय की सूजन, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और डायबिटीज से जुड़ी जटिलताएं होती हैं।
● संतुलित आहार-फल, सब्ज़ी, दालें, साबुत अनाज, नट्स, दूध और लो-फैट दही दें।
● तली-भुनी और मीठी चीज़े कम करें, पैकेज्ड जूस, सॉफ्ट ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक न दें।
● हर दिन कम से कम एक घंटे खेलकूद व घर से बाहर गतिविधि ज़रूरी।
ज्यादा चीनी, तैलीय और जंक फूड, तले स्नैक्स, मीठे पेय से शरीर अतिरिक्त कैलोरी को ट्राइग्लिसराइड्स में बदलकर खून में जमा करता है। मोटे बच्चों में इंसुलिन सही से काम नहीं करता, जिससे लिवर ट्राइग्लिसराइड्स ज्यादा बनाने लगता है।
बच्चों में ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने के पीछे मुख्य वजह है गलत खानपान। समय रहते आहार और दिनचर्या सुधारकर इसे रोका जाना ही इससे बचाप का मुख्य उपाय है।- प्रो. डॉ. राजेश टिक्कस, बाल रोग विशेषज्ञ, जीएमसी
Published on:
03 Oct 2025 01:51 pm
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