
विदेशों में भारतीय शिक्षा और संस्कृति के प्रति शुरु से ही कुछ अलग क्रेज रहा है। एशिया के अन्य देशों के साथ ही यूरोप और अमरीका तक में अब संस्कृत सीखने की ललक बढ़ रही है। वहां के स्टूडेंट भारतीय ज्योतिष में भी रुचि दिखा रहे हैं। ऐसे में सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी विदेशी बच्चों के लिए ऑनलाइन कोर्स शुरू कर रही है।
इन कोर्सेस के माध्यम से विदेशी विद्यार्थी घर बैठे डिग्री हासिल कर सकेंगे। संस्कृत विवि के इन कोर्सेस में आचार्य, शास्त्री और ज्योतिषाचार्य की डिग्री दी जाएगी। संस्कृत विवि अमरीका, रूस, आयरलैंड व जापान में ये ऑनलाइन कोर्स शुरू करेगा।
विवि के डायरेक्टर के अनुसार सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी विदेशों में संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन कोर्स शुरू कर रही है। पहले चरण में अमरीका, रूस, आयरलैंड और जापान का चयन किया गया है। इन देशों के लोग यहां से आचार्य, शास्त्री और ज्योतिषाचार्य की डिग्री हासिल कर सकेंगे।
वर्तमान में विश्वविद्यालय में एक रूसी महिला नियमित छात्रा के तौर पर अध्ययनरत है। हाल ही में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा ब्रिटेन और आयरलैंड में प्रस्तुत किए गए संस्कृत के नाटक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। इसके बाद प्रोत्साहित होकर कई नवाचार करने का निर्णय लिया है।
विवि प्रबंधन के अनुसार इन कोर्स में ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से एडमिशन दिया जाएगा। डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से पांच प्रमुख विषयों में सर्टिफिकेट कोर्स, पीजी डिप्लोमा कोर्स, अंडर ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स भी शुरू किए गए हैं। इनमें ज्योतिष शास्त्र, वास्तु शास्त्र, व्याकरण, दर्शनशास्त्र और साहित्य विषय भी शामिल हैं।
विवि के प्रो. रमाकांत पांडे ने बताया कि दसवीं और बारहवीं पास विद्यार्थियों के लिए नई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इनके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड से रेगुलर कैंपस में पहुंचकर पढ़ाई करने की सुविधा दी जाएगी। तीन पाठ्यक्रम ज्योतिष शास्त्र, वास्तु शास्त्र में डिप्लोमा व नाट्य शास्त्र में सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया गया है।
Updated on:
19 Sept 2023 10:39 am
Published on:
19 Sept 2023 10:10 am
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