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शहर समा गए बाढ़ में, कई रात मदद की आस में छतों पर रहे भूखे-प्यासे

सेना और स्वयंसेवक जान की परवाह किए बगैर जुटे 24 घंटे
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भोपाल

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Pushpam Kumar

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Updated: 28 Aug 2018, 10:41 AM IST

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शहर समा गए बाढ़ में, कई रात मदद की आस में छतों पर रहे भूखे-प्यासे

भोपाल. मेरा बचपन केरल में गुजरा है, लेकिन बारिश का ऐसा भयावह मंजर कभी नहीं देखा... जहां निगाह जाती बाढ़ का तांडव था... राममी कस्बे में बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही थी... घर, टाउनशिप पानी में समा चुके थे... लोग एक माले से दूसरे पर सामान ले जाते, लेकिन पानी वहां भी आ जाता। आखिर में सब कुछ भगवान की मर्जी पर छोड़ दिया। दस दिन बिजली भी बंद रही। इतना बताते हुए मधुसूदनन नायर की आंखों से आंसू बहने लगे।


नायर, नयापुरा कोलार रोड पर रहते हैं। वे मां और परिजनों से मिलने 10 अगस्त को केरल के राममी गए। उन्होंने बताया कि 12 और 13 को वहां बहुत ही खतरनाक बारिश हुई। पम्बा नदी से प्रलय जैसा पानी आया। ऐसे में लोगों को अपना घर बार छोड़कर सुरक्षित स्थान तक जाने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था। निचले इलाकों में पानी ही पानी नजर आ रहा था। हमारा घर ऊं चाई पर होने के कारण ज्यादा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन पानी आ चुका था। हर पल ऐसा लगता था कि कहीं हमारा घर भी डूब न जाए। सभी की रात बड़ी मुश्किल से कटी।


जेसीबी से हटाई गाद, सब कुछ हुआ बर्बाद : सेना के जवान जगह-जगह राहत कार्यों में जुटे थे। राममी में बाढ़ उतरने पर घरों में गाद जमा हो गई थी, जिसमें कई प्रकार के जलीय जीव थे। जेसीबी के जरिए गाद हटाई जा रही थी। पूरा सामान खराब हो चुका था। स्थिति ये थी कि राहत दल को मास्क लगाकर सामान निकालना पड़ रहा था।पानी निकलने के बाद भी सड़कों पर चार पहिया वाहन नहीं चला पा रहे थे। मैं 26 अगस्त को लौटा हूं।

बाढ़ पीडि़तों के लिए भेजी राहत सामग्री : केरल के बाढ़ पीडि़तों की मदद के लिए शहरवासी बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं। मलयाली एसोसिएशन की कमेटी ने जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट के माध्यम से वैगन में राहत सामग्री पीडि़तों के लिए भेजी है। इसमें आवश्यक दवाइयां, खान-पान सामग्री, तिरपाल, बेडशीट, मच्छरदानी, ब्लीचिंग पाउडर, मोमबत्ती सहित कई जरूरी सामग्री भेजी है। पहले एक वैगन में 22 टन आटा भेजा जा चुका है। दो ट्रक पीने के पानी की बोतले भेजी गईं है। राहत सामग्री 29 अगस्त को भी भेजी जाएगी। राजेंद्र मोदी, अनिल बूलचंदानी, सी जोई, अनिल नायर, विनोद नायर, जेम्स वर्गीस सहित अन्य व्यवस्था में जुटे हैं।