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एमपी में शासन व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव, कई विभागों में एआई का उपयोग करेगी सरकार

AI Impact Summit 2026- कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सुशासन में एआई का उपयोग

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CM Mohan Yadav attended the India AI Impact Summit 2026 in New Delhi

CM Mohan Yadav attended the India AI Impact Summit 2026 in New Delhi

AI Impact Summit 2026-- मध्यप्रदेश की शासन व्यवस्था में जल्द ही बड़ा बदलाव होगा। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का दखल बढ़ जाएगा। राज्य सरकार प्रदेश में एआई आधारित गवर्नेंस की कवायद में जुटी है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में कहा कि हम एआई से प्रदेश के विकास की सभी संभावनाओं पर निर्भय होकर काम करेंगे। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश जल्द ही अपना स्टेट एआई मिशन लांच करेगा। सीएम मोहन यादव ने प्रदेश में एआई बेस्ड डेटा सेंटर की स्थापना के लिए निवेशकों को भी आमंत्रित किया। एमपी में एआई आधारित शासन की कवायद के संबंध में बड़ा ऐलान करते हुए उन्होंने कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सुशासन में एआई का उपयोग करने की बात कही। सीएम मोहन यादव ने धार्मिक पर्यटन बढ़ाने और उज्जैन में होनेवाले सिंहस्थ 2028 महाकुंभ के समुचित नियोजन व प्रबंधन में भी एआई का इस्तेमाल करने का संकल्प जताया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एआई कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन उद्योग और प्रशासन में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और आम नागरिक तक योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शीघ्र ही मध्यप्रदेश स्टेट एआई मिशन लांच करेगा, जो शासन प्रणाली, सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक अवसरों को तकनीक आधारित रूप में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

नई दिल्ली के भारत मंडपम् में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के समापन सत्र में भोपाल मीडिया सेंटर में नेशनल मीडिया करेस्पांडेंट्स से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के भविष्य और इसके इस्तेमाल पर सीएम मोहन यादव ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने एआई को “नए जमाने की नई वैज्ञानिक विधा” बताते हुए इसके जिम्मेदारीपूर्ण और मानवीय उपयोग पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में एआई आधारित एक बड़ा डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस डेटा सेंटर की स्थापना के लिए हमने बड़े निवेशकों और कंपनियों को भी आमंत्रित किया है। मध्यप्रदेश के किसानों और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका क्रांतिकारी सिद्ध होगी। किसानों के लिए फसलों में होने वाली बीमारियों की सही समय पर जांच और उपचार करने से उत्पादन में लाभ मिलेगा। बहुफसलीय खेती को बढ़ाने, किसानों को बिजली-पानी और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने, प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और आवागमन सुगम बनाने सहित हर सेक्टर में एआई का भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।

एमपी के युवाओं के हुनर की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश के बड़े और छोटे शहरों में आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है। एआई के माध्यम से भी लाभ देने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश में एआई सेक्टर के विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट सपोर्ट, इंडस्ट्री में उपयोग, रिसर्च और इनोवेशन से जुड़कर इंडस्ट्री रिसर्च सेंटर को प्रोत्साहन देकर आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने के लिए हम आगे बढ़ेंगे। हमने स्पोर्ट्स, एग्रीकल्चर, इंडस्ट्री, एजुकेशन और टूरिज्म में एआई का लाभ लेने के लिए विभिन्न कंपनियों के साथ एमओयू किए हैं।

मध्यप्रदेश में बनेगा एआई का पूरा ईको सिस्टम

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में एआई का पूरा नया ईको सिस्टम तैयार किया जाएगा। इस ईको सिस्टम के 5 मुख्य हिस्से होंगे। पहला कम्प्यूटर इंफ्रॉस्ट्रक्चर- इसमें साझा जीपीयू और डेटा सेंटर होगा। दूसरा टैलेंट डेवलपमेंट- इसमें कॉलेजों में एआई की पढ़ाई और इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन किया जाएगा। तीसरा स्टार्ट-अप सपोर्ट- इसमें फंडिंग, मेंटरशिप और इन्क्यूबेशन की सुविधा दी जाएगी। चौथा इंडस्ट्री में उपयोग- इसके तहत एआई अपनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। पांचवां रिसर्च एंड इनोवेशन- इसमें इंडस्ट्री से जुड़े रिसर्च सेंटर्स और नवाचारों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

एआई गवर्नेंस सैंड बाक्स शुरू करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि हम सिर्फ एआई का उपयोग ही नहीं करेंगे, बल्कि एआई बनाने की क्षमता भी विकसित करेंगे। अब हम भोपाल और इंदौर में एआई फोकस्ड एक्सेलरेटर शुरू करेंगे। सीएम मोहन यादव ने कहा कि हम मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रोनिक डेवलपमेंट कार्पोरेशन के जरिए एआई गवर्नेंस सैंड बाक्स शुरू करेंगे। इसके लिए सरकार एक मजबूत प्लेट फार्म उपलब्ध कराएगी।

मध्यप्रदेश में इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट पॉलिसी में एआई आधारित तकनीकी को भी जोड़ा जा रहा है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि इससे हमारी उत्पादन क्षमता 15 से 20 प्रतिशत बढ़ सकती है, विशेषकर टेक्सटाइल, फार्मा, माइनिंग और ऑटो सेक्टर में। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एआई भविष्य में मध्यप्रदेश अर्थव्यवस्था का बड़ा विकास इंजन बनेगा। अगले 5 सालों में हम 500 से अधिक एआई स्टार्ट-अप के जरिए 50 हजार से अधिक नए रोजगार सृजन का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेंगे।

वैश्विक टेक कंपनियों से वन-टू-वन चर्चा

एआई समिट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अग्रणी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के वरिष्ठ नेतृत्वकर्ताओं के साथ वन-टू-वन चर्चा की। एनवीडिया की उपाध्यक्ष (ग्लोबल एआई इनिशिएटिव्स) सुश्री कैलिस्टा रेडमंड लंबा विचार विमर्श किया। जेनस्पार्क एआई के वैश्विक जीटीएम प्रमुख ब्रेनो मेलो, सर्वम एआई के सह-संस्थापक डॉ. प्रत्युष कुमार, के-जन एआई की सुश्री श्रुति वर्मा, गूगल प्ले के निदेशक कुणाल सोनी, सबमर टेक्नोलॉजीज (भारत) के अध्यक्ष देव त्यागी, इनविसिड एआई के संस्थापक एवं मुख्य कार्यवाही अधिकारी कपिल जैन आदि से चर्चा की।