
MP UP Sahyog Sammelan 2026: एमपी यूपी सहयोगा सम्मेलन में सीएम मोहन यादव(photo:Live Video CM X)
CM mohan yadav visit kashi: 'मध्य प्रदेश और उत्तरप्रदेश दोनों राज्य अब अपनी साझा और अलग कहानी बना रहे हैं। दोनों अपनी साझा विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। सीएम ने कहा अब वो जमाना गया, जब दो राज्य आपस में जल के बंटवारे के लिए ही लड़ते थे। मुझे गर्व है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में हम कई रिकॉर्ड बना रहे हैं। ऐसे ही एक रिकॉर्ड हमारे केन-बेतवा लिंक नदी परियोजना का है। जिससे पूरे बुंदेलखंड की तस्वीर बदलेगी। वो कांग्रेस के लोग थे जो ख्वाब दिखाते थे, लेकिन उनके सपने सपने ही रह गए। जब से पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार बनी है देश ने नये आयाम बनाए हैं, असंभव से असंभव काम को करके दिखाया है।'
ये शब्द एमपी सीएम मोहन यादव ने कहे। वे काशी/वाराणसी में आयोजित एमपी यूपी सहयोग सम्मेलन में बोल रहे थे। सीएम मोहन यादव ने यहां दोनों राज्यों के बीच हुई नई शुरुआत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब दोनों राज्यों को मिलकर एक नया इतिहास रचेंगे, विकास की एक नई इबारत लिखेंगे।
सीएम मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि पहले बाबा विश्वनाथ धाम बना। फिर महाकाल लोक। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश का संबंध तो भगवान राम और कृष्ण के काल से गहरा है। भगवान राम जब वन गमन के लिए गए तो चित्रकूट में 11 साल का समय गुजारा। जब भगनवान कृष्ण ने कंस का वध किया तो वह उज्जैन के सांदीपनी ऋषि के आश्रम पहुंचे। जहां 14 विद्या, 18 पुराण, 4 वेद और 64 कला का अध्ययन किया।
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मैं यहां एक और कारण से भी आया हूं। दोनों राज्यों के युवाओं को रोजगार मिले, गरीबों की जिंदगी बेहतर हो, उत्पादों की सही कीमत मिले, राज्य की समृद्धि हो-देश की समृद्धि हो, इसके लिए लघु उद्योगों के बीच कैसा समन्वय बनाया जाए, इसका भी अध्ययन किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि इसे लेकर हमारा रोड शो भी होने वाला है। उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर मध्यप्रदेश में रिसर्च चल रही है, सरकार उसके लिए फैलोशिप भी दे रही है। उनके जीवन के विराट व्यक्तित्व पर बाबा विश्वनाथ धाम पर 3-4-5 अप्रैल को महानाट्य का मंचन किया जाएगा। इसमें करीब 400 कलाकार भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि हम इस महानाट्य की विधा को दोबारा जीवंत कर रहे हैं।
2000 मेगावाट की सोलर परियोजना है, जिस पर भी हम दोनों राज्य मिलकर काम कर रहे हैं। पीएम मोदी के 1 लाख करोड़ की योजना, जिसमें 5% मेरा और 5% यूपी का रहेगा। बाकी 90% भारत सरकार का रहेगा। ये राज्य की बेहतरी के लिए किसानों के लिए, शहरी के लिए पीने के लिए जल उपलब्ध कराएगी। इस योजना के माध्यम से हम अपने मुरैना के पास एक बड़ा यूनिट लगा रहे हैं। जिसके आधार पर जब एमपी के किसानों को जरूरत होती है, तब यूपी को जरूरत नहीं पड़ती और जब यूपी के किसानों को जरूरत होती है, तब एमपी को जरूरत नहीं होती है, इसलिए मिलकर काम कर रहे हैं।
दोनों राज्यों के बीच औद्योगिक, पर्यटन और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण MoU हस्ताक्षरित किए गए। इसका मुख्य उद्देश्य ओडीओपी (ODOP), निवेश और धार्मिक पर्यटन सर्किट वाराणसी-उज्जैन-चित्रकूट को बढ़ावा देना है।
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर और उज्जैन के महाकाल मंदिर में भीड़ मैनेजमेंट की तकनीक की जानकारी के लिए काशी विश्वनाथ ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी भूषण मिश्र ने उज्जैन के आयुक्त के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
दोनों राज्यों की औद्योगिक क्षमताओं, जीआई टैग (GI Tag), उत्पादों, कृषि और MSME क्षेत्र में सहयोग करेंगे।
वाराणसी, उज्जैन और चित्रकूट को जोड़कर एक साझा धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने पर मंथन और समझौता।
मध्य प्रदेश अपने सफल ODOP मॉडल यानी एक जिला एक उत्पाद मॉडल यूपी के साथ साझा करेगा।
मध्य प्रदेश और यूपी के बीच सांझी संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देशय से भी यह MoU किए गए हैं।
इनका उद्देश्य आपसी सहयोग से अंतरराष्ट्रीय निवेश बढ़ाने और व्यावहारिक औद्योगिक विकास का नया मॉडल तैयार किया जाना है।
बता दें कि यह सम्मेलन वाराणसी में आयोजित किया गया है। जिसमें सीएम मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।
Updated on:
31 Mar 2026 04:16 pm
Published on:
31 Mar 2026 03:55 pm
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