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दिल्ली दौरे पर CM शिवराज : राष्ट्रपति, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय वित्त मंत्री से की मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मगलवार को दिल्ली दौरे पर थे। यहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और आरके सिंह से मुलाकात की।

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दिल्ली दौरे पर CM शिवराज : राष्ट्रपति, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय वित्त मंत्री से की मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

भोपाल. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार शाम को दिल्ली दौरे पर थे। यहां उन्होंने सबसे पहले राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से मुलाकात की। द्रोपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी ये पहली भेंट थी। सीएम शिवराज ने राष्ट्रपति को पुष्प-गुच्छ भेंट करते हुए मध्य प्रदेश की जनता की तरफ से शुभकामनाएं दीं। सीएम ने राष्ट्रपति को मध्य प्रदेश आने का न्योता दिया, जिसे राष्ट्रपति ने सहर्ष स्वीकार किया। इसके बाद सीएम ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय वित्त मंत्री आदि नेताओं से भी भेंट की।

बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात

राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री चौहान बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने पहुंचे। यहां उन्होंने नड्डा को पंचायती राज के नवनिर्वाचित सदस्यों के होने वाले सम्मेलन से जुड़ी जानकारी दी और उनसे इसमें शामिल होने का आग्रह किया। इसपर नड्डा से भी उन्हें स्वीकृति मिल गई है।

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केंद्रीय वित्तमंत्री से मुलाकात

यहां से सीएम शिवराज ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री को बताया कि, साल 2024-25 तक भारत की 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थ-व्यवस्था बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मध्य प्रदेश अपने हिस्से का योगदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए पूंजीगत व्यय में पर्याप्त बढ़ोतरी की जरूरत है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में पूंजीगत व्यय के लिए राज्य का बजट आवंटन 48 हजार 800 करोड़ रूपए रखा गया है, जो राज्य की जीएसडीपी का लगभग 4 फीसदी है।

केंद्रीय विद्युतमंत्री से मुलाकात

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय विद्युत, नवीन और नवकरणीय ऊर्जा मंत्री आर.के सिंह से भी श्रम शक्ति भवन में मुलाकात करते हुए प्रदेश की मौजूदा ऊर्जा परिदृश्य की जानकारी दी।। यहां सीएम ने प्रदेश में आ रही ऊर्जा के क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर चर्चा की। सीएम ने कहा कि, प्रदेश ने एक साल में ट्रांसमिशन लॉस को 41 फीसदी से घटा कर 20 फीसदी तक कर लिया है। ओंकारेश्वर में दुनिया का सबसे बड़ा 600 मेगावाट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्लांट बनने वाला है, जिसमें अब तक 300 मेगावाट के पीपीए समझौते किए जा चुके हैं। निकट भविष्य में मुरैना और छतरपुर जिलों में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना होनी है।

उन्होंने ये भी कहा कि, प्रदेश में ऊर्जा परियोजनाओं में ऊर्जा भंडारण की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है, जिसमें जल्द ही ऊर्जा उत्पादन का भंडारण कर, कमी होने पर इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। प्रदेश में सौर और वायु ऊर्जा पर आधारित हाइब्रिड संयंत्रों पर भी काम चल रहा है। बिजली बैंकिंग व्यवस्था में मध्यप्रदेश अपनी अतिशेष विद्युत दूसरे राज्यों को देता है। फसलों की बोनी और सिंचाई के समय अधिक मांग होने पर उन राज्यों से बिजली वापस ली जाती है। इस बैंकिंग व्यवस्था में किसी भी प्रकार का वाणिज्यिक लेने-देन शामिल नहीं है। सीएम ने बिजली बैंकिंग व्यवस्था को डिफॉल्ट के दायरे से बाहर रखने का अनुरोध किया।

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