
petrol-diesel shortage (Photo Source - Patrika)
petrol-diesel shortage: रसोई गैस से शुरू हुई परेशानी अब तेल, राशन और पानी आम नागरिकों के साथ प्रशासन के लिए सिरदर्द बनने लगा है। गुरुवार को जहां तीसरे दिन पेट्रोल प्पों पर अप्रत्याशित भीड़ उमड़ी वहीं, रसोई गैस के लिए लंबी लाइनें लगीं। आलम यह था कि सिलेंडरों का मैदान के बराबर सर्कल बन गया। तो कुछ स्थानों पर पानी को लेकर प्रदर्शन हुए। प्रशासन ने इसके लिए सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाह को दोषी ठहराया। जिसकी वजह से नागरिकों में पैनिक बढ़ रहा है।
प्रशासन का दावा है कि जिले में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति की स्थिति सामान्य और नियंत्रण में है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने हालात को काबू में बनाए रखने के लिए एसओपी जारी किया है। जिसके तहत हर दिन पेट्रोल पंपों की ऑडिट होगी और स्टॉक को लेकर बुलेटिन जारी किया जाएगा। कलेक्टर के निर्देश पर पेट्रोल पंपों की जांच जारी है। एसओपी के अनुसार सभी पेट्रोल पंपों का ऑडिट यानी आवक-जावक और स्टॉक की जांच की जा रही है। अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की तैयारी है। कलेक्टर ने कहा है कि किसी भी स्थिति में पेट्रोल पंप 'ड्राई' नहीं रहने चाहिए।
सुरक्षा को लेकर सख्ती बरतते हुए स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल केन, बोतल या अन्य असुरक्षित बर्तनों में नहीं दिया जाएगा। निर्देश का उल्लंघन करने वाले संचालकों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने, लोक शांति बनाए रखने एवं भ्रामक तथ्यों के प्रसार को रोकने हेतु आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धाराओं के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एसओपी जारी की गई है।
-जिला जनसंपर्क अधिकारी प्रतिदिन ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से समन्वय कर जिले के उपलब्ध स्टॉक की स्थिति का बुलेटिन जारी करेंगे। साथ ही, पुलिस भ्रामक पोस्टों पर एक्शन लेगी।
-पेट्रोल खत्म, हड़ताल, चक्का जाम, कमी जैसे कीवर्ड्स वाली पोस्ट को चिह्नित किया जाएगा। साथ ही, सोशल मीडिया पर वायरल भ्रामक पोस्टों के स्क्रीनशॉट पर असत्य व भ्रामक का स्टैंप लगाकर प्रसारित किया जाएगा।
-वॉट्सऐप ग्रुपों में भ्रामक सूचनाएं/अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों एवं संबंधित वॉट्सऐप ग्रुप एडमिन के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी में एलपीजी संकट बना हुआ है। तपती दोपहरी में उपभोक्ता लंबी-लंबी लाइनें लगा रहे हैं। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग नियम 25 दिन का है। लेकिन कई उपभोक्ताओं का कहना है कि समय पूरा होने के बाद भी डिलीवरी नहीं दी जा रही। यहीं हाल कमर्शियल सिलेंडरों का भी है। कारोबारियों का कहना है कि रविवार को जिला प्रशासन ने आदेश निकाल कर गैस वितरण का प्रतिशत तय कर दिया था, लेकिन गुरुवार तक एक भी सिलेंडर की सप्लाई नहीं दी गई। इससे होटल- ढाबे वालों के साथ स्ट्रीट वेंडर्स को भी काफी परेशानी हो रही है। कुछ छोटे कारोबारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दी है।
मामले में होटल रेस्टोरेंट एसोसिएशन की भोपाल जिला इकाई के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने बताया, प्रशासन के आदेश के बावजूद आज तक एक भी सिलेंडर नहीं मिला। इधर एलपीजी डीलर्स एसोसिएशन की तरफ से कहा जा रहा है कि प्रशासन ने जिस अनुपात में सिलेंडरों की संख्या तय की है, उसी अनुपात में दिए जा रहे हैं।
Published on:
27 Mar 2026 10:54 am
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