18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आइएएस पल्लवी जैन पर मनमानी नियुक्तियां करने के आरोप, अब होगी कार्रवाई

पद के दुरुपयोग का आरोप, पल्लवी जैन गोविल के खिलाफ जांच शुरू, विभाग के अफसर की शिकायत पर डीओपीटी ने मामला दर्ज कर चीफ सेक्रेटरी को लिखा पत्र

2 min read
Google source verification
pallavi-jain-govil.png

पल्लवी जैन गोविल के खिलाफ जांच शुरू

भोपाल. आइएएस पल्लवी जैन गोविल पर प्रशासनिक कार्रवाई की तलवार लटक गई है. उन पर नियुक्तियों में मनमानी करने के आरोप हैं. इस मामले में उनके खिलाफ केन्द्रीय कार्मिक मंत्रालय डीओपीटी के निर्देश पर जांच शुरू हो गई है। पल्लवी आदिम जाति कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव हैं। डीओपीटी ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कर राज्य के मुख्य सचिव को कार्रवाई के लिए लिखा है।

विभाग में अनुसंधान अधिकारी के पद पर पदस्थ लालजी राम मीना ने डीओपीटी में शिकायत की थी कि विभाग की प्रमुख सचिव पल्लवी जैन गोविल लगातार नियम विरुद्ध काम कर रही हैं। तबादला पोस्टिंग में भी भेदभाव किया जा रहा है। मीना ने 19 अफसरों की सूची डीओपीटी को भेजी थी जिनकी नियम विरुद्ध पोस्टिंग की गई।

मीना ने डीओपीटी में भेजी शिकायत में कहा था है कि तृतीय श्रेणी कर्मचारी महावीर जैन को नियम विरुद्ध शिवपुरी जिले में जिला संयोजक पद का प्रभार दिया गया है। जबकि तृतीय श्रेणी कर्मचारी को राजपत्रित का प्रभार नहीं दिया जा सकता है। यहीं नहीं लोकायुक्त ने इन्हें रिश्वत लेते भी पकड़ा था, छह साल से जांच चल रही है। इसी प्रकार विभाग के अपर संचालक डीएस परमार को मंत्रालय में सीधे ही उप सचिव पदस्थ कर दिया गया।

सुधीर जैन को भी मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी पदस्थ कर दिया जबकि इसमें सामान्य प्रशासन विभाग की सहमति जरूरी है। शिकायत में लिखा है कि विभाग की डिप्टी कमिश्नर ऊषा अजय सिंह को आपराधिक मामले में चार साल की सजा हो चुकी है। इन्हें दो तीन संभागों का प्रभार दिया गया। इसी प्रकार क्षेत्रीय उपायुक्त सीमा सोनी को भी नियम विरुद्ध तीन संभागों का प्रभार दिया गया।

पीएस ने नहीं लिया था एक्शन
आदिम जाति कल्याण विभाग छिंदवाड़ा में अनुसंधान अधिकारी के पद पर पदस्थ मीना ने बताया कि उन्होंने नियम विरुद्ध हो रहे कार्यों की ओर विभाग की प्रमुख सचिव का ध्यान दिलाया था लेकिन उन्होंने एक्शन नहीं लिया। इसके बाद डीओपीटी को शिकायत की। डीओपीटी ने शिकायत दर्ज कर राज्य के मुख्य सचिव को लिखा है कि कार्रवाई की जाए।