
MANIT Bhopal
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी स्थित मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करना छात्रों को महंगा पड़ गया है। दरअसल छात्रों ने यातायात और वाई-फाई की मांग को लेकर पिछले महीने प्रदर्शन किया था, जिसके बाद अब प्रबंधन ने प्रदर्शन में शामिल 190 छात्रों को नोटिस जारी कर दिया है।
इस नोटिस के साथ ही छात्रों को ये भी चेतावनी दी गई है कि यदि अगली बार प्रबंधन के खिलाफ इस तरह के विरोध प्रदर्शन में शामिल होते पाए गए तो उन्हें सीधे संस्थान व हॉस्टल से निलंबन या निष्कासित करने की कार्रवाई की जाएगी। प्रबंधन
द्वारा जारी नोटिस पत्र के पीछे ही छात्रों से अपने हस्ताक्षर के साथ शपथ पत्र पर यह लिखकर देने को कहा है कि वे दोबारा इस तरह की हरकत नहीं करेंगे।
छात्रों को प्रबंधन ने 16 फरवरी तक अपना शपथ पत्र संस्था में जमा करने को कहा है। इसके अलावा दी गई तारीख से पहले शपथ पत्र जमा नहीं करने वाले छात्र का रिजल्ट रोकने या फिर उन्हें अगले सेमेस्टर में जाने की अनुमति नहीं देने तक की प्रबंधन ने धमकी दी है।
ये है मामला...
मैनिट के छात्रों ने 13 जनवरी को यातायात और वाई-फाई सहित इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या को लेकर धरना प्रदर्शन कर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की थी। छात्रों का आरोप था कि संस्थान ने एडमिशन के समय यातायात और इंटरनेट कनेक्टिविटी की सुविधा के लिए फीस जमा कराई थी। लेकिन चार महीने ने ज्यादा हो गए हैं और प्रबंधन ने अब तक छात्रों को यह सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई।
छात्रों के इस प्रदर्शन को समाप्त करने के लिए प्रबंधन ने 26 जनवरी तक वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। इस आश्वासन के बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया था, लेकिन आश्वासन के अब तक प्रबंधन ने यह सुविधा छात्रों को नहीं दी। इसके बजाए प्रबंधन ने 190 से ज्यादा छात्रों को नोटिस जारी कर दिया।
एमएचआरडी को लिखा पत्र...
प्रबंधन की इस कार्रवाई से खफा छात्रों ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) को भी पत्र लिख दिया है। छात्रों का कहना है कि मांगें जायज हैं। वाई-फाई और इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए बाकायदा फीस जमा की है। लेकिन प्रबंधन ने अभी तक यह सुविधा उपलब्ध नहीं कराई। छात्रों ने हाॅस्टल और क्लास के बीच आने-जाने के लिए यातायात की सुविधा की भी मांग की थी, लेकिन प्रबंधन ने यह सुविधा फिलहाल देने से इंकार कर दिया था। इसके बजाए छात्रों द्वारा जमाए कराई राशि को लौटाने की बात कही थी।
छात्रों को डरा रहा है प्रबंधन
वहीं इस संबंध में छात्रों का कहना है कि वाई-फाई की सुविधा 26 जनवरी तक देनी थी लेकिन प्रबंधन इसमें नाकाम रहा। अब छात्र दोबारा प्रदर्शन न करें इसके लिए प्रबंधन नोटिस जारी कर छात्रों को डरा रहा है। इस पूरे मामले में सबसे खास बात यह है कि इस नोटिस से संबंधित कोई भी सूचना रजिस्ट्रार डाॅ. एनडी मित्तल को नहीं है।
वहीं सामने आ रही जानकारी के अनुसार छात्रों को जारी नोटिस में कहा गया है कि 13 जनवरी को आपने संस्था की मुख्य बिल्डिंग के सामने जुलूस निकालकर संस्थान विरोधी नारे लगाए थे।
सब सीनियर फैकल्टी, एचओडी और डीन्स ने संपर्क किया तो उन्हें भी नजरअंदाज कर आप अवैध मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे।
डायरेक्टर प्रो. एनएस रघुवंशी की अप्रूवल से असिस्टेंट रजिस्ट्रार एकेडेमिक प्रशांत भटनागर द्वारा जारी इस नोटिस में कहा गया है कि छात्रों का यह आचरण संस्थान की छवि खराब करने वाला था। नोटिस में सभी को हिदायत दी गई है कि अगर अगली बार संस्था के नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो बिना किसी सूचना के दोषी छात्रों को संस्थान से या तो निलंबित या फिर निष्कासित किया जा सकता है।
Published on:
04 Feb 2018 11:49 am
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