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जानिये किस नेता को MP का सीएम बनवाना चाहते हैं दिग्विजय सिंह?

दिग्विजय सिंह ने की तत्काल चेहरा घोषित किए जाने की मांग रखी...

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भोपाल। मध्यप्रदेश में सीएम कैंडिडेट को लेकर फिर हलचल शुरू हो गई है। अब तक सबसे मजबूत प्रत्याशी के रूप में जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम आ रहा था। वहीं दिग्विजय द्वारा एक अन्य नेता का नाम ले लिया जाना इन दिनों राजनैतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

दरअसल मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया की सीएम कैंडिडेट बनने की मुहिम को उस समय तगड़ा झटका लगा है। जब मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने खुलेआम कमलनाथ को सीएम कैंडिडेट बनाने की मांग कर दी।

इतना ही नहीं उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि यदि चुनाव जीतना चाहते हैं, तो कमलनाथ को तत्काल चेहरा घोषित कर दिया जाना चाहिए।


ज्ञात हो कि नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव सहित प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया नहीं चाहते कि मप्र में कोई भी सीएम कैंडिडेट हो। जबकि सिंधिया को भरोसा है कि अंतत: उनके नाम का ही एलान होगा।


जानकारी के अनुसार दिग्विजय से जब यह पूछा गया कि उन्होंने कमलनाथ को ही क्यों प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए योग्य चेहरा माना, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि इसके लिए किसी को स्पष्टीकरण देने की जरूरत नहीं है।

ध्यान देने वाली बात है कि दिग्विजय सिंह को सिंधिया विरोधी नेता माना जाता है। ज्योतिरादित्य सिंधिया लगातार उन्हें अपने पक्ष में मनाने की कोशिश कर रहे हैं, परंतु अब उनकी रणनीति सफल होती नजर नहीं आ रही है।

दिग्विजय सिंह के इस बयान से 9 अप्रैल को होने वाले उनके कथित शक्तिप्रदर्शन पर भी लोगों की निगाह टिक गई है।

दरअसल नरसिंहपुर जिले के बरमान घाट पर होने वाले नर्मदा परिक्रमा के समापन समारोह में कांग्रेस नेता कमलनाथ के अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया, सुरेश पचौरी, अजय सिंह, अरुण यादव सहित कई दिग्गज नेता एक साथ शिरकत कर रहे हैं। कमलनाथ के पक्ष में दिग्विजय के इस बयान पर कांग्रेस में जमकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है।


गौरतलब है कि प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता वापसी के लिए दिग्विजय सिंह नर्मदा परिक्रमा के समापन के बाद पार्टी से नाराज चल रहे नेता-कार्यकर्ताओं को मुख्य धारा में लाने के लिए नए सिरे से पूरे प्रदेश का भ्रमण करेंगे।

कमलनाथ पहले ही कर चुके हैं ज्योतिरादित्य का समर्थन:
वहीं इस पूरे प्रकरण में सबसे खास बात ये है कि दिग्विजय के इस बयान से काफी पहले ही गुना में कमलनाथ ये कह चुके हैं कि उन्हें सिंधिया के सीएम बनने पर कोई आपत्ति नहीं है। वहीं इसके अलावा भी कई बार कमलनाथ सिंधिया का समर्थन कर चुके हैं।

जानकारी के मुताबिक पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद कमलनाथ ने पिछले दिनों गुना में बयान दिया कि सिंधिया को सीएम के रूप में प्रोजेक्ट किया जाना चाहिए। उसी दिन दोपहर होते-होते रायपुर में कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो सोनिया गांधी और राहुल गांधी तय करेंगे वही मान्य होगा।

वहीं जानकारों का मानना है कि दिग्विजय जानबूझ कर कमलनाथ का नाम ले रहे हैं, क्योंकि मध्यप्रदेश में सिंधिया को टक्कर देने की स्थिति में कमलनाथ ही देखे जाते हैं।

राजनीति के जानकारों के अनुसार दिग्विजय के इस बयान से जहां कांग्रेस में फिर से अन्दरूनी विरोध शुरू हो जाएगा व कांग्रेस जिस एकता के दम पर पुन: सत्ता का ख्वाब संजो रही है।

वह ख्वाब फिर मुश्किल में पड़ सकता है। वहीं कुछ जानकारों का यह भी मानना है कि यदि कमलनाथ अपने पूर्व के बयान पर तटस्थ रहे तो ये दिग्विजय के लिए परेशानी का विषय बन सकता है।