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हमीदिया अग्निकांड की कार्रवाई पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, शिवराज से न्याय की मांग

हमीदिया अग्निकांड पर सरकार की कार्रवाई पर कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से न्याय करने का कहते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

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हमीदिया अग्निकांड की कार्रवाई पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, शिवराज से न्याय की मांग

भोपाल. मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी हमीदिया अस्पताल के कमला नेहरू अस्पताल की तीसरी मंजिल के बच्चा वॉर्ड में शॉर्ट सर्किट से लगी आग के बाद अब तक 13 बच्चों की मौत हो चुकी है। मामले पर सरकार ने कार्रवाई करते हुए गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन जीतेंद्र शुक्ल, हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ लोकेंद्र दवे, कमला नेहरू अस्पताल के संचालक के.के दुबे को उनके पद से हटा दिया है। इसके अलावा, सीपीए विद्युत विंग के उपयंत्री अवधेश भदौरिया को भी निलंबित किया गया है। हालांकि, कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मामले पर न्याय करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता और नेता के.के मिश्रा ने ट्वीट करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की है कि, 'शिवराज जी न्याय कीजिये... हमीदिया के हत्यारों को फांसी दीजिये। मंत्री विश्वास सारंग से इस्तीफा लीजिये, ACS मो.सुलेमान सहित सभी अफसरों के खिलाफ का प्रकरण दर्ज कीजिये और मृतक मासूमों के परिजनों को 50-50 लाख मुआवजा दीजिये।

असली जिम्मेदार को बचा गई सरकार

वहीं, दूसरी तरफ एसएनसीयू की इंचार्ज का जिम्मा एच.ओ.डी पीडियाट्रिक के पास था। सरकार की ओर से उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई है। डॉक्टर ज्योत्सना श्रीवास्तव को सरकार ने सीधे तौर पर बचाया है। क्योंकि, विभाग के तौर पर वो भी सीधी जिम्मेदार हैं।

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आंकड़ों पर जिम्मेदारों की चुप्पी

आंकड़ों को लेकर अब भी अस्पताल प्रबंधन चुप्पी साधे हुआ है। हादसे का कोई जिम्मेदारी तय नहीं हुई है। जबकि, पहली नजर में ही यहां पर अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही साफ नजर आई है। अस्पताल में फायर-फायटिंग सिस्टम काम नहीं कर रहे थे। इनका कई सालों से ऑडिट भी नहीं कराया गया था। इसके साथ ही अस्पताल के भीतर पुरानी वायरिंग, वार्ड के अंदर झूलते बिजली के तारों ने हादसे को और भीषण बना दिया। हालांकि आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ी बैठक बुलाई है, जिसमें अफसरों की जिम्मेदारी तय हो सकती है।

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