
भोपाल. अगले विधानसभा चुनावों में किसानों की कर्ज माफी फिर बड़ा मसला बन सकता है. कांग्रेस दोबारा सत्ता में आने के लिए किसानों का 2 लाख रुपए तक का कर्ज फिर माफ कर सकती है. राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के अधिवेशन में आए वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने इस संबंध में आश्वस्त भी किया है. किसान महासंघ की कर्ज माफी के साथ ही डीजल सस्ता करने की मांग को भी अपने वचन पत्र में शामिल करने का भी कांग्रेेस नेताओं ने आश्वासन दिया है।
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ का तीन दिवसीय अधिवेशन रविवार को समाप्त हो गया। इसमें किसानों ने खुलकर मांगें रखीं। आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। मंथन में तैयार मांग पत्र को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से चर्चा हुई। उन्होंने सहमति दी। ज्ञापन में किसानों का दो लाख रुपए तक कर्ज माफ करने, डीजल पर टैक्स समाप्त कर किसानों को डीजल 50 रुपए प्रति लीटर के भाव से देने, नहरों का पानी नि:शुल्क करने सहित अन्य बिंदु शामिल हैं।
सम्मेलन में कांग्रेस प्रतिनिधि के तौर पर पूर्व मंत्री मुकेश नायक, विधायक पीसी शर्मा शामिल हुए। कांग्रेस प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि वे ज्ञापन को प्रदेश अध्यक्ष को देकर आग्रह करेंगे कि उसे वचन पत्र में शामिल किया जाए। कार्यक्रम में महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा (कक्काजी) का सम्मान किया गया।
खेत को इकाई माना जाए
ज्ञापन में कहा गया कि फसल बीमा वितरण में खेत को ही इकाई माना जाए। नकली खाद बीज एवं कीटनाशक निर्माताओं व विक्रताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। कृषि कार्य के लिए बिजली कम से कम 12 घंटे दी जाए। यह बिजली सुबह 6 से रात्रि 8 बजे तक मिले, ताकि कृषि कार्य ठीक से हो सके।
किसानों की मुख्य मांगें:
भूमि अधिग्रहण पर 4 गुना दिया जाए मुआवजा
कृषि यंत्रों, उपकरणों तथा खाद, कीटनाशकों को जीएसटी से मुक्त रखा जाए।
किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लें। शहीद परिवार को मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी।
भाजपा शासनकाल में लागू भू-अर्जन कानून वापस लिया जाए।
राजस्व विभाग में लंबित सीमांकन, खुर्द बटान, फौती, नामांतरण प्रकरणों का जल्द निराकरण किया जाए।
कम्प्यूटर रिकॉर्ड में किसानों को भारी त्रुटियों का सामना करना पड़ रहा है, इस प्रकार की त्रुटियों को अविलंब दूर किया जाए।
पट्टेधारी किसान को 60-70 वर्ष पर खेती कर रहे, उन्हें हटाया जा रहा है। यदि आपस में विवाद नहीं है तो वहीं व्यवस्थित किया जाए।
मंडी के चुनाव सीधे किसानों के जरिए कराए जाएं।
गन्ने का समर्थन मूल्य 360 करते हुए बकाया राशि का भुगतान अविलम्ब कराया जाए।
दुग्ध उत्पादक किसानों को 15 रु. प्रति फैट का भाव प्रदान करते हुए पशु आहार पर 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाए।
Published on:
06 Feb 2023 09:36 am
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