
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्ष 2010 में श्रीलंका के नुवारा में सीता मंदिर के भव्य स्वरूप का भूमिपूजन किया था। यह वह जगह है, जहां अशोक वाटिका में रावण ने सीता को रखा था। मध्यप्रदेश ने यहां भव्य मंदिर बनाने के लिए एक करोड़ रुपए भी दे दिए, लेकिन आठ साल में तकनीकी मंजूरियां तक नहीं मिल पाईं।
बौद्ध मठ के अधीन है जमीन
कोलंबो से 210 किलोमीटर और नुवारा से 15 किलोमीटर दूर प्रस्तावित सीता माता मंदिर की यह जमीन बौद्ध मठ के अधीन है। बौद्ध मठ मंदिर निर्माण से बौद्ध पर्यटकों में कमी नहीं चाहता। इसी बीच आंतरिक कलह के चलते श्रीलंका में आपातकाल लगाना पड़ा। इसके बाद श्रीलंका में चुनाव आ गए। दोनों कारणों से श्रीलंका ने भारत सरकार को कह दिया कि अभी इस मामले में कदम न बढ़ाए जाएं। प्रदेश सरकार ने एक दल श्रीलंका भेजने की तैयारी की, जिसे केंद्र ने रोक दिया है।
01 करोड़ की राशि सरकार दे चुकी है
20 लाख रुपए वर्तमान मंदिर सौंदर्यीकरण पर खर्च संभावित
1.12 करोड़ नए पोर्च निर्माण, लैंड-स्कैपिंग पर खर्च होंगे
15 लाख रुपए सीता माता की प्रतिमा पर खर्च संभावित
22 लाख रुपए मंदिर के स्तम्भों पर खर्च किए जाएंगे
01 करोड़ रु. मंदिर स्ट्रक्चर की साज-सज्जा व अन्य खर्च
कैद के वक्त का चित्रण
मंदिर का डिजाइन में ऐसा बनाया है, जिसमें सीता माता के बिताए गए वक्त को चित्रित किया जा सके। इसके लिए एक आर्ट गैलरी की तरह निर्माण होगा। यह काम 12.8 हेक्टेयर भूमि पर होगा। मंदिर का डिजाइन बेंगलूरु के आर्किटेक्ट और इंटीरियर डिजाइनर सीकोस से तैयार कराया गया है। पूर्व में यह तय था कि निर्माण के बाद मध्यप्रदेश सरकार ही मंदिर का मेंटेनेंस करेगी, लेकिन बाद बौद्ध मठ को ही सालाना खर्च देना तय हुआ था।
श्रीलंका में आंतरिक कलह और चुनाव के कारण अभी मामला अटका हुआ है। केंद्र ने इस मामले में अभी ठहरने के लिए कहा है।
-एसके मिश्रा, प्रमुख सचिव, सीएम
Published on:
04 May 2018 06:43 pm
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