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St/Sc Act: पूर्व मुख्यमंत्री के भारत बंद पर दिए विवादास्पद बयान से मच गया हंगामा!

सवर्णों से लेकर ओबीसी व एससीएसटी तक के वर्ग के वोटों के बारे में ये बोले!...

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St/Sc Act: पूर्व मुख्यमंत्री के भारत बंद पर दिए विवादास्पद बयान से मच गया हंगामा!

भोपाल। हमेशा अपने बयानों के चलते चर्चा में रहने पूर्व मुख्यमंत्री ने एक बार फिर भारत बंद को लेकर विवादास्पद बयान दे दिया है। जिसके चलते मध्यप्रदेश की राजनीति में तूफान खड़ा हो गया है। उन्होंने यह बयान शुक्रवार को भाजपा कार्यसमिति की बैठक से पहले पत्रकारों से चर्चा करते हुए दिया।

ये दिया बयान...
दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री गौर ने SCSt एक्ट के विरोध में भारत बन्द पर विवादास्पद बयान देते हुए कहा है कि हर वर्ग का वोट हम ही को मिलेगा, दोनों हमें ही देंगे-हमारे अलावा जाएंगे कहां?

ये पड़ा असर...
पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान के सामने आने के बाद से प्रदेश में राजनैतिक हलचल बढ़ गई है। वहीं लोगों का कहना है इससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा सवर्ण और ओबीसी सहित हर वर्ग को उन्हें ही चुने जाने की मजबूरी मान रही है।

वहीं 'हमारे अलावा जाएंगे कहां' वाले शब्द ने लोगों में नाराजगी भी बढ़ा दी है। राजनीति के जानकार डीके शर्मा के अनुसार इस बयान को देखकर लगता है कि भाजपा में अहंकर भर गया है, और वे हर हद तक जाने को तैयार बैठी है। इतना ही नहीं इस बयान से ये भी सिद्ध होता है कि वह हर किसी को अपनी बपौती समझने की गलती कर रही है।

साथ ही उन्हें अपनी राजनैतिक चालों पर इतना अधिक विश्वास हो चला है कि उनका मानना है कि जनता दूसरी किसी भी पार्टी को अब वोट दे ही नहीं सकती।

वहीं डीके शर्मा यह भी कहते हैं कि विश्वास और अतिविश्वास में हल्का सा फर्क होता है और जो इसे नहीं समझता वहीं डूब जाता है। उनका कहना है कि इस बयान को लेकर तो ऐसा लगता है जैसे भाजपा अतिविश्वास में जी रही है।

वहीं दूसरी सूत्रों के अनुसार उनके इस बयान के सामने आने के बाद अचानक मप्र की राजनीति में तेजी आ गई है। वहीं कांग्रेस भी अब इसे भुनाने की कोशिश में लग गई है।

भाजपा की बढ़ेगी परेशानी...
पूर्व सीएम के इस बयान को पूरी तरह से सवर्ण, ओबीसी व एससीएसटी से जोड़कर देखा जा रहा है। जिसके चलते लोगों में नाराजगी भी है।

वहीं जानकारों के अनुसार ऐसे बयान जहां एक ओर भाजपा के लिए परेशानी बढ़ाने वाले सिद्ध हो सकते हैं। वहीं इसके कारण चुनावों का निर्णय भी प्रभावित हो सकता है।

भाजपा की बैठक...
इससे पहले भाजपा की कार्यसमिति की बैठक में मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया मंच पर राजमाता का फोटो नहीं होने से बैठक शुरू होने से पहले ही नाराज होकर लौट गईं। वहीं राजमाता की फोटो लगाने पर ही वे वापस लौटीं।

इसके अलावा बैठक के दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को 12वीं पंक्ति में बैठाया गया, जिसके चलते वे भी नाराज दिखे। वहीं मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर नंदकुमार सिंह चौहान को मनाकर आगे लाए।

यशोधरा राजे सिंधिया के वापस लौट जाने पर गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह का कहना था कि एक दिन मंच पर फ़ोटो छूट जाने से राजमाता का सम्मान कम नहीं हो जाएगा।

ये बोलीं यशोधरा...
भाजपा बैठक में दीनदयाल, कुशाभाऊ ठाकरे, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अटल बिहारी बाजपेयी का फोटो लगा था, यशोधरा बोली जिसने पार्टी को खड़ा किया उसे ही भाजपा भूल गई ये निंदनीय है।

बैठक में मौजूद भाजपा महिला पदाधिकारी और विधायक उषा ठाकुर से पूछा बताओ क्या मैं गलत कह रही हूं, ये राजमाता का अपमान नहीं है।

इस पर विधायक उषा सहित सभी महिला पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा एस्प सही कह रही हैं ये हुआ तो गलत है, यशोधरा बोलीं ये पहली बार और अनजाने में नही बल्कि जानबूझकर किया गया है।