
Coronavirus
भोपाल। कोरोना को लेकर लगाए गए प्रतिबंध हटते ही शादियों, बाजारों, मंडियों, सरकारी दफ्तरों में 95 फीसदी लोगों के चेहरों से मास्क गायब हो गया। सोशल डिस्टेंस तो अब दिखना ही बंद हो गई। हाथ धोना तो दूर लोग अब सैनिटाइजर भी साथ नहीं रखते। सबसे बड़ी चिंता का विषय ये है कि भोपाल में ही करीब 5.50 लाख लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगना बाकी है। जबकि अन्य जिलों में ये संख्या काफी ज्यादा है। शादियों में शामिल होने अन्य राज्यों और विदेशों तक से आ रहे हैं। जहां कोरोना की रफ्तार तेज है। ऐसे में शादी सीजन में बरती जा रही लापरवाही कहीं भारी न पड़ जाए। इसलिए अभी कुछ और माह संभलकर रहने की जरूरत है।
भोपाल में ही चंद दिनों में दो हजार से ज्यादा शादियां हैं। शहर में छोटे बड़े होटल से लेकर लॉज यहां तक की धर्मशालाओं तक के कमरे फुल है। बच्चे बड़े और बुजुर्ग सभी बाहर से आ रहे हैं। कुछ दिन पहले हमीदिया की एक डॉक्टर की मौत कोरोना से हुई। है, जिनको दोनों टीके लगे थे। ऐसे में अभी ये मानलेना कि कोरोना चला गया, जल्दबाजी होगी। शहर में कई लोग तो ऐसे हैं जो फोन करने के बाद भी वैक्सीन सेंटरों पर नहीं पहुंच रहे। बात आकड़ों की करें तो रविवार को कोरोना के १७ मरीज पॉजिटिव आए थे, वहीं पिछले २४ घंटे में कोरोना के एक दर्जन से अधिक मरीज सामने आए हैं। कोरोना से प्रभावित एक चिकित्सक के सम्पर्क में आने के बाद जब कुछ लोगों की कोरोना जांच करवाई तो उसमें करीब १५ मरीज हाईरिस्क वाले सामने आए हैं।
सर्दी, खांसी, जुकाम आम बात
इन दिनों सर्दी, खांसी जुकाम आम बात बनी हुई है। डॉक्टरों के पास जाने पर उसे सामान्य डेंगू टेस्ट कराने की सलाह दी जा रही है। लेकिन कोरोना का टेस्ट कराने की सलाह किसी को नहीं दे रहे। जानकारों का कहना है कि अगर कोरोना की सही टेस्टिंग शुरू हो जाए तो शहर में पचास से ज्यादा मरीज प्रतिदिन सामने आ सकते हैं।
क्यूआरटी कई महीने से गायब
दूसरी लहर में अनलॉक के बाद थाने के बीट सिस्टम की तरह नगर निगम, पुलिस और प्रशासन के कर्मचारियों की एक क्यूआरटी (क्विक रिएक्शन टीम) बनाई थी। इसका काम लोगों को मास्क लगवाना, नियमों का पालन करना था। ये टीम शुरू से ही कागजों में काम कर रहे है। जमीन पर इसका कोई काम दिखाई नहीं देता।
Published on:
22 Nov 2021 01:24 pm
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