
आज रविवार 1 दिसंबर से भोपाल के सभी नगरीय 37 थानों में साइबर हेल्प डेस्क की शुरुआत की जा रही है। अब पीड़ित 5 लाख रुपए तक की धोखाधड़ी,ठगी की शिकायत संबंधित थानों में कर सकेंगे। इसके लिए साइबर थाना जाने की जरूरत नहीं होगी। हेल्प डेस्क की जिम्मेदारी करीब 400 पुलिस कर्मचारियों को दी गई है।
साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्टिंग और धोखाधड़ी को लेकर एक बार फिर क्राइम ब्रांच ने एडवाइजरी जारी है। कहा गया है कि अनजानी काल और अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
अभी तक आमजन को सायबर धोखाधड़ी की शिकायत के लिए साइबर शाखा जाकर आवदेन देना पड़ता है। शहर में एक ही सायबर थाना होने और अधिकतर थानों से काफी दूरी के कारण पीडि़तों को शिकायत के लिए सायबर थाने जाने में काफी समय लगता था और काफी परेशानी होती थी। थानों में शिकायत दर्ज होते ही पीडि़त का पैसा साइबर पुलिस त्वरित कार्रवाई कर होल्ड करेगी। जिससे रिफंड होने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।
साइबर ठगों से लोगों को बचाने और जागरूक करने के लिए साइबर क्राइम ब्रांच द्वारा तीन स्तर पर एडवाइजरी जारी की जा रही है। जो लोग मोबाइल का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें ऐसे मामलों से बचने के लिए जागरूक होना होगा।
-शैलेंद्र सिंह चौहान, एडिशनल डीसीपी, क्राइम ब्रांच
आज इंटरनेट हमारी जिंदगी का हिस्सा बन गया है। सुविधाएं बढ़ीं, पर साइबर अपराध भी बढ़े हैं। सरकार और साइबर विशेषज्ञ ऐसे अपराध को रोकने और अपराधियों को पकडऩे के लिए प्रयासरत है। लेकिन नागरिक को भी सतर्क रहना होगा। जागरूकता ही सबसे बड़ा समाधान है। संदिग्ध ईमेल, लिंक या मैसेज पर लिंक न करें। ऑनलाइन बैंकिंग या अन्य संवेदनशील काम के लिए सार्वजनिक नेटवर्क से बचें। साइबर सुरक्षा के कानूनों को जानें।
-प्रो. एस. सूर्यप्रकाश, कुलपति, एनएलआइयू, भोपाल
Updated on:
01 Dec 2024 12:07 pm
Published on:
01 Dec 2024 09:47 am
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