2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भोपाल एयरपोर्ट पर मिले 20 जिंदा कारतूस, सुरक्षा एजेंसियों में मचा हड़कंप

राजाभोज एयरपोर्ट पर रविवार रात को एक बार फिर हड़कंप मच गया। इस बार भी एक यात्री के बैग से रिवाल्वर के 20 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। शहर में इज्तिमा क

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Manish Geete

Nov 27, 2017

 Raja Bhoj Airport

Raja Bhoj Airport Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

भोपाल। राजाभोज एयरपोर्ट पर रविवार रात को एक बार फिर हड़कंप मच गया। इस बार भी एक यात्री के बैग से रिवाल्वर के 20 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। शहर में इज्तिमा के चलते लाखों लोग भोपाल आए हुए हैं ऐसे में सुरक्षा एजेसियां पहले ही अलर्ट हैं। ऐसे में हड़कंप मच जाना लाजिमी है।

सीआईएसएफ के कमांडेंट वीरेंद्र सिंह के मुताबिक रविवार रात को दिल्ली निवासी हसनेन अहमद जैदी (63) 24 नवंबर को अपने परिवार के साथ भोपाल आए थे। वे शाहजहांनाबाद में बेटी और दामाद को लेने यहां आए थे। जब रविवार को वे जेट एयरवेज की उड़ान से दिल्ली जाने के लिए चैकइन किया तो स्कैनर ने उनके बैग में 20 जिंदा कारतूस पकड़ लिए। वहां सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें घेर लिया। बाद में पता चला कि यह कारतूस उनकी लाइसेंसी बंदूक हैं और गलती से बैग में आ गए हैं। हालांकि गांधी नगर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। इससे पहले जैदी के बेटी और दामाद को पुलिस ने जाने दिया।

यह भी है खास
-बताया जाता है कि दिल्ली में रहने वाले व्यापारी जैदी के पास लाइसेंस भी है। वे दिल्ली से भोपाल आ रहे थे उस वक्त उनके बैग में कारतूस रह गए थे। दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्होंने उन्होंने रिवाल्वर के लाइसेंस की कापी दिखा दी थी, इसलिए यात्री को भोपाल आने दिया था।
-पुलिस ने यात्री के खिलाफ आर्म्स एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। क्योंकि उनके पास यूपी और दिल्ली क्षेत्र का लाइसेंस था।

7 नवंबर 2017
राजाभोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सिक्यूरिटी जांच के दौरान एक युवती के बैग से चार जिंदा कारतूस पकड़ा गए थे। युवती मुंबई के लिए एयर इंडिया की उड़ान से जाने वाली थी। गांधीनगर पुलिस ने जांच शुरू की थी। युवती मुंबई की ही रहने वाली है। वो अपने रिश्तेदार से मिलने भोपाल आई थी।


30 जुलाई 2017
30 जुलाई को राजाभोज एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसिया काफी सतर्क थी। हाई अलर्ट के बावजूद एक व्यक्ति के बैग से जिंदा कारतूस मिले थे। वह भी सुबह जेट एयरवेज की फ्लाइट से दिल्ली जाने वाला था। यह युवक राजगढ़ यातायात में पदस्थ अनिल बावनिया थे, जो दिल्ली जा रहे थे। उनके बैग में ये कारतूस मिले थे। उन्हें भी गांधीनगर पुलिस को दे दिया गया था। उन्होंने इन कारतूस को सरकारी बताया था।

26 जून 2016
राजा भोज एयरपोर्ट पर एक युवक के बैग में से 30 कारतूस मिले थे। सिविल लाइन निवासी सईद सैफ अली जेट की उड़ान से मुंबई जाने की तैयारी कर रहा था। चैकिंग के दौरान उसके बैग से .22 बोर के 19 खाली और 11 जिंदा कारतूस पाए गए थे। सैफ ने पुलिस को बताया कि यह कारतूस उसके भाई फैजल अली के होना बताया था। उसके पास लाइसेंसी बंदूक है और कारतूस गलती से उसके बैग में आ गए हैं।

15 मार्च 2010
इससे पहले रायपुर निवासी आदित्य वर्धन पाटनी के पास से भी जिंदा कारतूस मिलने से एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया था। वे मुंबई में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी का कर्मचारी है। वे भी सुबह जेट की उड़ान से मुंबई जा रहे थे। सीआईएसएफ के जवानों ने जब उसके बैग की तलाशी ली तो 32 बोर का जिंदा कारतूस मिला। आदित्य के पास शस्त्र लाइसेंस भी नहीं था। लिहाजा पुलिस ने आर्म्स एक्ट का माला दर्ज कर लिया था। आदित्य गंजबासौदा में अपने रिश्तेदार के यहां आया था। उसने बताया था कि रिश्तेदार के पास लाइसेंस है और कारतूस उन्हीं का है, जो मेरे बैग में आ गया।