
MP के कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त संत ने उठाई 'गाय मंत्रालय’ के लिए आवाज
भोपाल। MP की राजनीति में आज यानि बुधवार का दिन काफी उथल पुथल वाला रहा। एक ओर जहां नेता प्रतिपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया, वहीं सीएम शिवराज ने भी आज जमकर कांग्रेस पर सीहोर से निशाना साधा। वहीं दूसरी ओर आज ही प्रदेश के दो कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त संतों ने ऐसे बयान दिए, जिसके चलते राजनीति में उथलपुथल मच गई।
इसमें पहला बयान कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त संत अखिलेश्वरानंद का रहा जिन्होंने प्रदेश में 'गाय मंत्रालय' बनाने की मांग रखी। वहीं दूसरा बयान रायसेन से आया जहां मप्र में राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त महामंडलेश्वर कम्प्यूटर बाबा ने यह तक कह दिया कि यदि भाजपा हमें टिकट देगी तो हम विधानसभा चुनाव लडऩे के लिए तैयार हैं।
जानिये गाय मंत्रालय को लेकर क्या बोले संत अखिलेश्वरानंद...
मध्य प्रदेश के गौपालन और पशुधन संवर्धन बोर्ड के चैयरमैन व कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त संत अखिलेश्वरानंद ने प्रदेश सरकार से 'गाय मंत्रालय' बनाने की मांग की है। अखिलेश्वरानंद ने कहा कि इस नए विभाग के बन जाने के बाद कई तरह के जानवरों का बेहतर संरक्षण हो सकेगा।
जानकारों के अनुसार यह पहली बार हुआ है कि प्रदेश में गायों के लालन पालन के लिए अलग से गाय मंत्रालय बनाने की मांग उठी है।
दरअसल स्वामी अखिलेश्वरानंद ने मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि मप्र में अलग से “गाय मंत्रालय” बनना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गाय मंत्रालय बनने पर गाय की सुरक्षा हो सकेगी और सरकार उन पर ज्यादा ध्यान दे सकेगी। इससे किसानों को भी फायदा होगा। उनका कहना था कि शिवराज सिंह चौहान स्वयं किसान हैं और मेरे जैसे लोग इस काम में मदद करेंगे।
स्वामी अखिलेश्वरानंद लंबे समय से गौसेवा के कार्यों से जुड़े हैं साथ ही वे मप्र गौपलन और पशुधन संवर्धन बोर्ड के चेयरमैन भी हैं।
हमेशा बयानो से रहते हैं चर्चा में...
स्वामी अखिलेश्वरानंद अपने बयानों को लेकर चर्चा में बने रहते हैं। स्वामी ने एक दफ़ा तो यहां तक कहा था कि 1857 की क्रांति गाय को लेकर हुई थी और तीसरा विश्वयुद्ध गाय पर ही होगा। वे निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर हैं।
कम्प्यूटर बाबा ये बोले राजनीति पर :-
वहीं इससे पहले कम्प्यूटर बाबा ने रायसेन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि यदि भाजपा हमें टिकट देगी तो हम विधानसभा चुनाव लडऩे के लिए तैयार हैं। लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि वह कहां से विस चुनाव लडऩे के लिए इच्छुक हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह नदियों को बचाने रेत का अवैध उत्खनन रोकेंगे।
दरअसल मप्र में राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त महामंडलेश्वर कम्प्यूटर बाबा ने आज यानि बुधवार को एक जनसभा में साधु संतों के राजनीति में जाने को लेकर अपने विचार रखे।
महामंडलेश्वर कम्प्यूटर बाबा का कहना था कि भारतीय संविधान में साधु-महात्माओं को भी साफसुथरी राजनीति करने का हक व अधिकार है। अपने भजन सत्संग पूजन के साथ जो परमार्थ के काम हैं उनको भी करना हमारा परम दायित्व है।
इसीलिए यह कहना राजनीतिकारों का बिल्कुल गलत है कि साधु संतों को राजनीति से बचना चाहिए।
इसका ताजा उदाहरण यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। वहां अब गुुंडागर्दी नहीं बल्कि रामराज चल रहा है। इसके अलावा और भी दर्जनों साधु संत विधायक व सांसद हैं। इसी तरह मप्र की शिवराज सरकार सनातन Hindu धर्म भगवा की सरकार है। इसमें भी साधु संतों की किसी तरह की कोई उपेक्षा नहीं हो रही है।
यह बोले शिवराज पर...
शिवराज सरकार इस बार मप्र में फिर से काबिज होने जा रही है। क्योंकि उनके द्वारा मप्र में किए गए विकास व गरीबों सहित आमजनों की भलाई के लिए बनाई गईं जन कल्याणकारी योजनाएं मुंह से बोल रही हैं। लोगों को इनका फायदा भी मिल रहा है। हम अपनी इस यात्रा पर निकले हैं।
इस यात्रा का पवित्र उद्देश्य तेजी से बिगड़ रहे ग्लोबल वार्मिंग सिस्टम को सुधारने पौधरोपण अभियान चलाएंगे। जल का बेहतर संरक्षण करेंगे। ताकि आगामी समय में पर्यावरण व जल को सहेजा जा सके। हमारा उद्देश्य मां नर्मदा की सेवा करना और पर्यावरण की रक्षा करना है। इस पवित्र कार्य में सभी भी सहभागिता जरूरी है।
Published on:
20 Jun 2018 09:11 pm
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