
मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित माना जाता है। इस दिन पवनपुत्र की पूजा की जाती है।
हिन्दुओं में मंगलवार को हनुमान जी का बेहद प्रिय दिन माना जाता है। साथ ही कहा जाता है कि इस दिन जो भी भक्त बजरंगबली से सच्चे दिल जो कुछ भी मांगता है उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है।
पंडित सुनील शर्मा के अनुसार हनुमान जी हमारी मनोकामना पूरी करने के अलावा हमारी कुण्डली से शनि के बुरे प्रभाव को भी कम करते हैं और जीवन में सुख शांति के कारक भी माने गए हैं। इसके अलावा मंगलवार के दिन आप अपनी कुण्डली के दोषों से भी मुक्ति पा सकते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मंगलवार को की गई कुछ छोटी-छोटी गलतियां आपके बनते कामों को बिगाड़ भी सकती हैं ।
इन बातों का रखें हमेशा ध्यान:
- जो लोग मंगलवार का व्रत करते हैं उन्हें इस दिन नमक का सेवन नहीं करना चाहिए या हो सके तो कम करना चाहिए।
- जो लोग मंगलवार को दान देते हैं ख़ासकर मीठी वस्तुएं उन्हें मंगलवार को मीठा नहीं ख़ाना चाहिए और दान कभी भी स्वार्थ भाव से नहीं करना चाहिए।
- मंगलवार को नाखून और बाल नहीं काटना चाहिए इससे मान हानि का ख़तरा बढ़ जाता है साथ ही नकारात्मक प्रभाव हमारी कुण्डली में आ जाते हैं।
- भूलकर भी मंगलवार को घर में हवन नहीं करवाना चाहिए और ना ही मांस मदिरा का सेवन करना चाहिए। यदि मंगलवार को घर में हनुमान जी की पूजा रख़ रहे हैं तो घर पूर्णतः शुद्ध होना चाहिए।
इन छोटी छोटी बातों का अनुसरण करके आप हनुमान जी को प्रसन्न कर सकते हैं और अपनी मनचाही मनोकामना पा सकते हैं।
शनिवार को क्यों की जाती है हनुमान जी की पूजा:
बजरंग बली यानि हनुमान जी, शिवजी के 11वें अवतार माने जाते हैं। इनकी माता अंजनी ऋषि गौतम और अहिल्या की पुत्री थीं। इनके पिता केसरी सुमेरु पर्वत के राजा थे। मंगलवार को हनुमान जी का दिन माना गया है। इसलिए मंगलवार को श्रद्धालु हनुमान चालीसा और सुन्दरकाण्ड का पाठ करते हैं, इसके सिवाय शनिवार को भी हनुमान जी की पूजा का विधान है। पंडित शर्मा के अनुसार शनिवार को हनुमाजी को पूजने के पीछे कई कथाएं हैं, जिनमें से एक कथा इस तरह है...
रामायण काल में जब हनुमान जी माता सीता को ढूंढ़ते हुए लंका में पहुंचे, तो उन्होंने वहां शनिदेव को उल्टा लटके देखा। कारण पूछने पर शनिदेव ने बताया कि 'मैं शनिदेव हूं और रावण ने अपने योग बल से मुझे कैद कर रखा है।' तब हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के कारागार से मुक्ति दिलाई।
शनि देव ने हनुमान जी से वर मांगने को कहा। हनुमान जी बोले, 'कलियुग में मेरी अराधना करने वाले को अशुभ फल नहीं दोगे।' तभी से शनिवार को हनुमान जी की पूजा की जाती है।
शनि की शांति के सरल उपाय : शनिदेव के प्रकोप से बचने के लिए ये उपाय करने चाहिए। जैसेः सरसों का तेल,लोहा, काली वस्तुओं जैसे वस्त्र, कम्बल, कोयला, काली उड़द, काले तिल, काले कपड़े आदि का शनिवार के दिन शनि के निमित्त दान करना चाहिए। कहा जाता है कि नीलम रत्न, लोहे का छल्ला और रुद्राक्ष धारण करने से भी शनि शांत होता है।
हनुमान देते हैं शनि के दोषों से मुक्ति:
हनुमान जी को संकटमोचन अौर शनिदेव को सजा देने वाला माना जाता है। शिव पुराण के अनुसार हनुमान जी को ग्यारवां रूद्र माना जाता है और शनिदेव भगवान शंकर के परम भक्त और चेले भी हैं। जब शनिदेव किसी पर क्रोधित हो जाते हैं तो उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मंगलवार अौर शनिवार दोनों ही दिन हनुमानजी अौर शनिदेव के उपाय करके इनकी कृपा पाई जा सकती है। इन उपायों को करने से हनुमान जी कृपा से साढ़ेसती अौर शनि दोषों से मुक्ति मिलती है।
- शनिवार व मंगलवार के दिन ब्रह्म मुहुर्त में उठकर स्नानादि कार्यों से निवृत्त होकर नवग्रह मंदिर में हनुमान जी अौर शनिदेव पर जल अर्पित करके विशेष सामग्रियों से पूजन करें। यह पूजा शाम के समय भी कर सकते हैं।
- पूजा करते समय शनिदेव को गंध, चावल, फूल, तेल, तिल, काले वस्त्र आदि और हनुमान जी को सिंदूर, लाल चंदन, फूल, चावल व लाल वस्त्र अर्पित करें।
- शनिवार के दिन शनिदेव को तिल अौर रामभक्त हनुमान को गुड़ से बने व्यंजन का भोग लगाएं। ऐसा करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं। इसके साथ ही उनकी कृपा भक्त पर सदैव बनी रहती है।
- हनुमान जी पर चमेली का तेल अर्पित करें। इससे साढ़ेसती से मुक्ति मिलेगी।
- बरगद से आठ पत्ते लेकर काले धागे में पिरोकर हनुमान जी को अर्पित करने पर शनि बाधा से मुक्ति मिलेगी। हनुमान जा को कागजी बादाम अर्पित करें। उसके बाद आधे बादाम काले कपड़े में बांधकर घर की दक्षिण दिशा में छुपा कर रखने से शनिदेव का कोप शांत हो जाता है।
Published on:
08 Aug 2017 12:59 pm
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