
swastik sign
भोपाल। घर में किसी भी पूजा या शुभ काम करने से पहले गणेश जी की पूजा की जाती है। गणेश जी की मूर्ति की पूजा करने से पहले घर के मंदिर के पास गणेशजी का प्रतीक चिह्न स्वास्तिक बनाया जाता है। बता दें कि स्वास्तिक गणेश जी का चिह्न होता है। शहर के ज्योतिषातार्य पंडित जगदीश शर्मा बताते है कि पूजा से पहले स्वास्तिक बनाने से जीवन में सकारत्मकता आती है। स्वास्तिक नकारात्मक ऊर्जा को कम कर देता है। घर में पूजा के दौरान स्वास्तिक बनाते समय कुछ बातों को ध्यान में जरूर रखना चाहिए। जानिए ये जरूरी बातें....
- ध्यान रहे कि घर में पूजा करने से पहले जब भी स्वास्तिक बनाएं तो उल्टा न बनाएं। कई बार आपने देखा होगा कि मंदिर में स्वास्तिक उल्टा बनाया जाता है लेकिन मंदिर में उल्टा स्वास्तिक मनोकामनाओं के लिए बनाया जाता है जबकि घर में बनाया गया स्वास्तिक सीधा बनाया जाता है।
- कभी भी स्वास्तिक को उल्टा न बनाएं। अगर पूजा के दौरान आप टेढ़े स्वास्तिक की पूजा करते है तो ये शुभ संकेत नहीं माना जाता है।
- अगर आपको लगता है कि आपके घर में किसी बुरे व्यक्ति की नजर है तो घर के बाहर मेन गेट के पास गोबर से स्वस्तिक बनाना चाहिए। ऐसा करने से घर में बुरी नजर नहीं लगती है।
- पूजा घर में स्वास्तिक के पास कभी भी गंदगी न करें।
- स्वास्तिक को सदैव रोली या कुमकुम से बनाएं। पूजा समाप्त होने के बाद कभी भी स्वयं से स्वास्तिक को न हटाएं। जब भी स्वास्तिक हट जाएं तो उस रोली या कुमकुम को हाथों से उठाकर तुलसी के पौधे पर डाल दें।
- अगर आपका शादी-शुदा जीवन ठीक नहीं चल रहा है तो इन परेशानियों को दूर करने के लिए घर के पूजा स्थान में हल्दी का स्वास्तिक बनाएं।
- घर के मेन गेट के पास चावल का स्वास्तिक बनाने से घर के सारे वास्तुदोष खत्म हो जाते है।
Published on:
28 Jun 2018 04:41 pm
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