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कामवाली बाईयों की मांग, अवकाश का नहीं काटों पैसा, मेडिकल सुविधा भी दो

कुकिंग का प्रति व्यक्ति 1 हजार, बच्चे की देखरेख की पगार 8 हजार, यूनियन ने काम के हिसाब से मेहनताना तय करने की मांग की बुलंद

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भोपाल

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Manish Geete

Jul 11, 2022

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मनीष कुशवाह

भोपाल। घरेलू कामकाज जैसे खाना बनवाने, झाड़ू-पौंछा, बर्तन धुलवाने समेत बच्चों की देखरेख के लिए महिला को काम पर रखने के लिए यूनियन की तय दरों के हिसाब से पगार देनी होगी। मप्र में महाराष्ट्र और तमिलनाडू समेत 8 राज्यों की तर्ज पर घरेलू कामकाजी महिलाओं के संरक्षण और मेहनताना तय करने के लिए प्रावधान करने की मांग बुलंद हो रही है। इसके लिए मध्यप्रदेश घरेलू कामकाजी ट्रेड यूनियन की अगुआई में मुहिम चलाई जा रही है।

यूनियन की मांगें...

ट्रेड यूनियन ने घरों में किए जाने वाले अलग-अलग कामों के हिसाब से मेहनताना तय किया है। इसके हिसाब से प्रति व्यक्ति खाना बनाने के लिए एक हजार रुपए तो बच्चे की 8 घंटे तक देखभाल के लिए आठ हजार रुपए महीने तय किए हैं। मकान के आकार के हिसाब से झाड़ू-पौंछे की दर तय है। इसमें काम की समय सीमा भी तय है। 600 वर्गफीट के मकान की सफाई के लिए 1200 रुपए महीना तय है।

ट्रेड यूनियन के कानूनी मामलों को देखने वाली फ्रांसिना नेलशन बताती हैं 16 जून को अंतरराष्ट्रीय घरेलू कामकाजी दिवस पर भोपाल की बैठक में चर्चा हुई थी। इसमें महिलाओं के लिए प्रावधान करने की जरूरत को विस्तार से बताया था। बता दें, यूनियन की मांग पर मप्र सरकार ने 2017 में कामकाजी महिलाओं को पहचान पत्र जारी किए थे, पर इसके बाद उन्हें वे सुविधाएं नहीं मिल पाईं, जो अन्य श्रमिकों को मिलती हैं।

4 शहरों में यूनियन की 11 हजार सदस्य

यूनियन के जगदीश लोधी के अनुसार, मप्र घरेलू कामकाजी ट्रेड यूनियन (MP Domestic Workers Trade Union) का गठन वर्ष 2007 में किया गया था, पर इसे रजिस्टर्ड 2009 में कराया। वर्तमान में यूनियन के इंदौर, भोपाल, देवास व खंडवा में कार्यालय हैं। 11 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। इंदौर में मुख्यालय है। वर्तमान में लक्ष्मी द्विवेदी अध्यक्ष हैं।