
महत्वाकांक्षी योजना में आई कई बाधाएं
भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी मूर्त रूप नहीं दे पा रहे हैं। प्रदेश में खुलने वाले 274 सीएम राइज स्कूलों के संचालन में कई बाधाएं आ रहीं है। इन स्कूलों में अब तक बच्चों को लाने और छोड़ने के लिए वाहन नहीं लग सके हैं। सीएम राइज स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती का मामला भी नहीं सुलझ सका है। खास बात यह है कि अब इन स्कूलों में ड्रेस कोड को भी निरस्त कर दिया गया है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय यानि डीपीआई ने अहम निर्देश जारी किए हैं.
प्रदेश सरकार ने राज्य में 1 हजार सीएम राइज स्कूल खोलने की घोषणा की है। पहले चरण में 274 स्कूलों को इसी सत्र से खोला गया है। यहां पुराने भवनों के स्थान पर नए भवन बनाए जाएंगे हालांकि अभी वर्तमान बिल्डिंग में ही ये स्कूल चल रहे हैं। इन स्कूलों में प्राइवेट स्कूल जैसी सुविधाएं देने, पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति आदि का वादा किया गया था लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो सका है। अब इन सीएम राइज स्कूलों में ड्रेस कोड भी लागू नहीं होगा. सीएम राइज स्कूलों में ड्रेस कोड लागू नहीं किए जाने के संबंध में पिछले दिनों लोक शिक्षण संचालनालय डीपीआई के आयुक्त अभय वर्मा ने आदेश भी जारी कर दिया. स्कूल शिक्षा विभाग ने इससे पहले सीएम राइज स्कूलों के लिए अलग ड्रेस कोड बनाने की बात कही थी। अलग ड्रेस कोड बनाने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन डिजाइन को जिम्मा भी सौंपा गया था। आयुक्त लोक शिक्षण अभय वर्मा ने गत 10 अगस्त को आदेश जारी कर इसे भी निरस्त कर दिया। इसके साथ ही यह भी कहा कि स्कूलों में पूर्व से जो ड्रेस कोड लागू है, उसे ही आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा स्कूल के प्राचार्य अपने स्तर पर भी ड्रेस कोड लागू कर सकते हैं।
इधर इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया इतनी पेचीदा बना दी गई है कि शिक्षक ही नहीं समझ पा रहे हैं कि वे क्या करें। स्कूल के भवन भी तैयार नहीं हुए हैं. इस सत्र से प्रदेश के 274 स्कूलों में से पहले चरण में 50 स्कूलों को सर्वसुविधायुक्त बनाया जा रहा है। इसमें राजधानी में 8 स्कूलों को चिन्हित किया लेकिन इस सत्र से सिर्फ 3 स्कूल ही तैयार हो पाए हैं।
Published on:
15 Aug 2022 07:32 pm
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