
Drunk driving
भोपाल। यातायात पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद मध्यप्रदेश में सड़क हादसों में कमी नहीं आ रही है। प्रदेश में हर दिन 31 लोगों की मौत सड़क हादसों ( drunk driving case ) की वजह से हो रही है। पीटीआरआई की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 2018 में हुए सड़क हादसों में 11 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। हर साल हादसों से मौत का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। ट्रैफिक नियमों के होने के बावजूद ज्यादातर लोग इनका पालन नहीं कर करते है।
ट्रैफिक नियमों का पालन मजबूती से किया जाए, इसके लिए मोटर व्हीकल एक्ट 1988 में बदलाव कर मोटर व्हीकल (संशोधन) बिल 2019 को लोकसभा में पास किया गया। ये बिल अप्रैल 2017 में भी लोकसभा में पास हुआ था, लेकिन राज्यसभा में पास नहीं होने के कारण अटक गया था लेकिन अब मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव के बाद विभिन्न प्रकार के ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर ज्यादा सजा होगी और जुर्माना भी ज्यादा लगेगा। जानिए कौन सा नियम तोड़ने पर कितना जुर्माना लगेगा......
- सीट बेल्ट नहीं लगाने पर पहले 100 रु. जुर्माना लगता था, अब 1000 रु. लगेगा।
- गाड़ी चलाते वक्त मोबाइल से बात करते पकड़े जाने पर पहले 1000 रु. जुर्माना लगता था लेकिन अब इसे बढ़ाकर 5000 रु. कर दिया गया है।
- बिना हेलमेट दोपहिया चलाने पर अभी तक 100 रुपए का जुर्माना था लेकिन अब 1000 रु. का जुर्माना और तीन महीने के लिए लाइसेंस जब्त करने का प्रावधान है।
- बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने पर धारा-181 के तहत पहले 500 रुपए जुर्माना लगता था, अब 5000 रुपए लगेगा।
- बिना योग्यता गाड़ी चलाने पर धारा-182 के तहत पहले 500 रु. का जुर्माना था, जो अब बढ़कर 10 हजार रुपए कर दिया गया है।
- अगर आप शराब पीकर गाड़ी चलाते पकड़े गए तो धारा 185 के तहत पहले 2000 रु. का जुर्माना था, जो अब पांच गुना बढ़ाकर 10 हजार रु. कर दिया गया है।
- ट्रैफिक नियम तोड़ने पर पहले 100 रु. का जुर्माना लगता था, अब 500 रुपए जुर्माना लगेगा।
- गाड़ी की तय स्पीड ये ज्यादा तेज चलाने पर धारा 182 के तहत पहले 400 रु. जुर्माना लगता था, अब हल्के वजन की गाड़ियों पर 1000 और मध्यम दर्जे की पैसेंजर गाड़ियों पर 2000 रु. जुर्माना लगेगा।
- ट्रैफिक विभाग के आदेश को नहीं मानने (धारा-179) पर पहले 500 रुपए का जुर्माना था, अब 2000 रुपए लगेंगे।
- नाबालिग वाहन चलाते हुए मिला तो गाड़ी मालिक या पैरेंट्स दोषी होंगे। 25,000 का जुर्माना या 3 साल की सजा का प्रावधान है।
- कोई भी सरकारी कर्मचारी अगर ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं, तो उनसे दोगुना जुर्माना वसूला जाएगा।
- बिना लाइसेंस के अनधिकृत वाहन चलाने पर धारा-180 के तहत पहले 1000 रुपए का जुर्माना लगता था, अब 5000 रु. लगेगा।
- ओवरलोडिंग करने पर पहले 2000 रु. और 1000 रु. प्रति टन के हिसाब से जुर्माना था अब इसे बढ़ाकर 20 हजार और 2000 रु. प्रति टन कर दिया गया है।
- एंबुलेंस को रास्ता नहीं देने पर धारा-194ई के तहत पहली बार 10000 रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।
- बिना इंश्योरेंस के गाड़ी चलाने पर धारा-196 के तहत पहले 1000 रु. का जुर्माना लगता था, अब इसे बढ़ाकर 2000 रु. कर दिया गया है।
Updated on:
26 Jul 2019 12:40 pm
Published on:
26 Jul 2019 12:38 pm
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