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एमपी में सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व, ढाई हजार वर्गकिमी घने जंगल में घूमेंगे बाघ

एनटीसीए की मंजूरी, वीरांगना दुर्गावती के नाम पर होगा मध्यप्रदेश का 7वां टाइगर रिजर्व

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मध्यप्रदेश का 7वां टाइगर रिजर्व

भोपाल. 29 जुलाई को वर्ल्ड टाइगर डे है। इससे पहले एमपी देश-दुनिया को नई सौगात देगा। टाइगर स्टेट के रूप में जाना जाता एमपी अब सबसे बड़े टाइगर रिजर्व के रूप में भी जाना जाएगा। यहां करीब ढाई हजार वर्गकिमी के घने जंगल को टाइगर रिजर्व का रूप दिया जा रहा है जहां बाघ बिना किसी दिक्कत के घूम सकेंगे।

नौरादेही सेंचुरी और दुर्गावती सेंचुरी को यह टाइगर रिजर्व बनाया जा रहा है।
इसके लिए जल्द ही नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया जाएगा। यह एमपी का सातवां टाइगर रिजर्व होगा। इस टाइगर रिजर्व को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के नाम से जाना जाएगा। क्षेत्रफल के लिहाज से यह एमपी का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व होगा। अभी सतपुड़ा टाइगर रिजर्व सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है।

यह रिजर्व टाइगर प्रदेश के दो जिलों दमोह व सागर जिलों के बीच बनाया जाएगा। इसे 2339 वर्ग किमी में बनाया जाएगा। यह टाइगर रिजर्व राज्य का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व होगा। इस टाइगर रिजर्व में 925.12 वर्ग किमी का बफर जोन बनाया जाएगा जबकि इसमें 1414 वर्ग किमी का कोर जोन होगा।

नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी यानि एनटीसीए ने इसे मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही एमपी के वन विभाग ने टाइगर रिजर्व के लिए नोटिफिकेशन के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव दे दिया है। नोटिफिकेशन के साथ ही ये टाइगर रिजर्व आकार ले लेगा। इससे पहले केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की भी मंजूरी मिल चुकी है।

टाइगर रिजर्व एक नजर में
2339 वर्ग किमी का बनेगा वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व
प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व होगा
एमपी का सातवां टाइगर रिजर्व होगा
एमपी में करीब 700 टाइगर