
vijayadashami
भोपाल। मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए नवरात्रि के 9 दिन भक्त उनका आशीर्वाद लेते हैं। इसके बाद 10वें दिन को दशहरा के रूप में मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, अश्विन महीने के दसवें दिन हर वर्ष इस पर्व को मनाया जाता रहा है। दशहरा को विजयादशमी या आयुधपूजा के नाम से भी जाना जता है।
विजयादशमी के दिन अपराजिता देवी, शमी और शास्त्रों का विशेष पूजन किया जाता है। श्रीराम ने लंका के राजा रावण का इस तिथि को वध किया था। इसलिए विजयादशमी बुराई पर अच्छाई के विजय के रूप में मनाते हैं। इसके अलावा कई ऐसे कार्य किए जाते हैं, जिससे साल भर घर में सुख-शांति के अलावा खूब कमाई भी हो सके। आइए जानते हैं वो कार्य कौन से हैं…
इस दिन जरूर करें गुप्त दान
दशहरे पर लंका दहन के बाद आप गुप्त दान भी कर सकते हैं। इस दिन आप एक नई झाड़ू को किसी मंदिर में ऐसी जगह रख दें, जहां आपको कोई देख ना सके। यह गुप्त दान आपकी धन संबंधी सभी परेशानियों को दूर करेगा।
एक-दूसरे को पान खिलाएं
दशहरे के दिन पान खाने और खिलाने तथा हनुमानजी पर पान अर्पित करके उनका आशीर्वाद लेने का महत्त्व है। पान मान-सम्मान, प्रेम एवं विजय का ***** माना जाता है। इसलिए विजयादशमी के दिन रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाद दहन के पश्चात पान का बीणा खाना सत्य की जीत की ख़ुशी को व्यक्त करता है।
अष्टदल कमल की आकृति बनाएं
दशहरे के दिन रावण दहन से पहले घर के ईशान कोने में कुमकुम, चंदन और लाल फूल से एक अष्टदल कमल की आकृति बनाएं। इसके बाद देवी जया व विजया को याद करते हुए उनकी पूजा करें। जया और विजया मां दुर्गा की सहायक योगिनी हैं। कहा जाता है कि इस पूजा के बाद शमी के पेड़ की पूजा करके वृक्ष के पास की थोड़ी मिट्टी लेकर अपने घर में पैसे रखने के स्थान पर रख दें। इससे घर में हमेशा सुख व समृद्धि बनी रहती है।
नीलकंठ पक्षी का दर्शन होता है शुभ
दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी का दर्शन करना शुभ माना जाता है। नीलकंठ को भगवान शिव का प्रतिनिधि माना गया है। रावण पर विजय पाने की अभिलाषा में श्री राम ने पहले नीलकंठ के दर्शन किए थे। विजयदशमी पर नीलकंठ के दर्शन करने से जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
Published on:
08 Oct 2019 12:02 pm
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