
प्रखर वक्ता और अपनी हाजिर जवाबी के लिए प्रसिद्ध भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को आज देश ही नहीं पूरी दुनिया याद कर रही है। 16 अगस्त को उनकी पुण्य तिथि है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत देश के कई दिग्गजों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए हैं।
patrika.com पर जानिए भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़े मजेदार किस्से...।
अपनी बेबाकी के लिए मशहूर अटल बिहारी वाजपेयी के किस्से काफी हैं। उनमें से एक किस्सा उनकी हाजिर जवाबी का भी है, अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी के साथ यह वाकया हुआ था। पाकिस्तान की एक महिला पत्रकार ने भरी सभा में अटल बिहारी वाजपेयी के सामने शादी का प्रपोजल रख दिया था।
तो दहेज में चाहिए पूरा पाकिस्तान
16 मार्च 1999 को अटल बिहारी पाकिस्तान के साथ मधुर संबंध बनाने के लिए अमृतसर से लाहौर यात्रा पर गए थे। वे बस से यात्रा पर गए थे। वहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। जब वहां के गवर्नर हाउस में भाषण दे रहे थे, तब पाकिस्तान की एक महिला पत्रकार के सवाल पर वहां सन्नाटा छा गया। महिला पत्रकार ने अचानक पूछ लिया था कि अब तक आपने शादी क्यों नहीं की। मैं आपसे शादी करना चाहती हूं, लेकिन एक शर्त है कि आप मुंह दिखाई में मुझे कश्मीर देंगे। इसके बाद अटलजी को हंसी आ गई। बेबाकी और हाजिर जवाबी के लिए मशहूर अटलजी ने पलटकर कहा कि मैं भी शादी के लिए तैयार हूं, लेकिन मेरी भी एक शर्त है, मुझे दहेज में पूरा पाकिस्तान चाहिए। अटलजी की हाजिर जवाबी से पूरा हॉल हंसी के फव्वारे से गूंज गया था।
शादी से ज्यादा जरूरी समाचार पत्र
अटलजी एक अच्छे पत्रकार भी थे। अटलजी स्वदेश अखबार में लखनऊ के संपादक भी हुआ करते थे। उन्हीं दिनों में कानपुर में उनकी बहन का विवाह होने वाला था। तैयारी चल रही थी। तभी नानाजी देशमुख अटलजी ने अटलजी से कहा था कि तुम्हारी बहन की शादी है और तुम यहां हो, जरूर आइएगा। अटलजी ने कहा कि विवाह से ज्यादा जरूरी तो समाचार पत्र है। शादी तो मेरे बगैर जाए भी हो जाएगी। इसके बाद नानाजी देशमुख चुपचाप कानपुर चले गए। वहां पहले से मौजूद दीनदयाल उपाध्याय को यह बात कही। यह बात सुनकर उपाध्याय तुरंत कार में बैठे और लखनऊ पहुंच गए और अटलजी से बोले- यह जो गाड़ी खड़ी है, उसमें तत्काल बैठ जाओ। अटलजी ने पूछा कि क्या हुआ, तो उपाध्याय बोले- जाओ बहन के विवाह कार्यक्रम में पहुंचे और मुझे कोई तर्क मत देना। इसके बाद अटलजी अपनी बहन की शादी में पहुंच गए थे।
पार्टी की हार के बावजूद देखने गए फिल्म
अटलजी को फिल्मों का बहुत शौक था। इसी से जुड़ा यह किस्सा है। एक बार दिल्ली में उपचुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। लालकृष्ण आडवाणी इस हार से विचलित थे। अटलजी भी शांत बैठे थे। अचानक अटलजी उठे और आडवाणीजी से बोले, चलों फिल्म देखने चलते है। इस पर आडवाणी ने कहा कि यहां पार्टी की हार हो गई और आप फिल्म देखने को कह रहे हैं। अटलजी बोले हार-जीत तो चलती रहती है, हार को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए। इसके बाद दोनों फिल्म देखने गए और दिल्ली के पहाड़गंज स्थित एक थिएटर में राजकपूर की फिल्म देखी।
Updated on:
16 Aug 2023 04:27 pm
Published on:
16 Aug 2023 01:26 pm
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