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मोबाइल ऐप से दूर हुआ तनाव, चिंता और डिप्रेशन, एम्स ने किया था तैयार

विशेषज्ञों का कहना सामने आए सफल परिणाम जल्द जारी करेंगे रिसर्च

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depression

भोपाल। कोरोना काल में कई लोग में अकेले रहने के चलते तनाव, चिंता व अवसाद से ग्रसित हो गए। इसमें बड़ी संख्या बुजुर्गों की भी रही। इसको देखते हुए एम्स ने मोबाइल ऐप तैयार किया था। जिसके जरिए डॉक्टरों ने तनावग्रस्त लोगों का उपचार किया। इसकी शुरूआत साल 2021 में की गई। जिसके एक साल बाद सफल परिणाम सामने आए हैं। इसको लेकर जल्द ही एम्स एक रिपोर्ट जारी करने जा रहा है।

दरअसल, एम्स में वैक्सीनेशन करवाने पहुंचने वाले 705 बुजुर्गों मानसिक स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। जिसमें से लगभग 18.37 फीसदी में कई मानसिक रोग पाए गए। इनमें 3.29 फीसदी में तनाव 8.6 फीसदी में चिंता और 6.41 फीसदी अवसाद ग्रस्त मिले। इन्हीं लोगों पर अध्ययन किया गया है। एम्स के डॉक्टरों के अनुसार निरामयभव ऐप के जरिए योग, मेडिटेशन, काउंसलिंग समेत मोटिवेशनल लेक्चर दिए गए।

ऐसे आए मामले

डॉक्टरों के अनुसार एक बुजुर्ग लगभग 2 सालों तक कभी भी घर से बाहर नहीं निकले। उनका अकेलापन, अवसाद, चिंता और तनाव से उनका जीवन बोझिल हो गया था। उन्हें ऐप के बारे में अस्पताल में टीकाकरण के लिए आने पर बताया गया। इससे उनकी मानसिक स्थिति में सुधार हुआ। इसके बाद दोबारा से जांच करने पर पता चला कि उनकी स्थिति पहले से कहीं बेहतर हो गई है। निरामयभव ऐप में योग और ध्यान के आठ मॉडल है। इनके अभ्यास को घरों में आराम से किया जा सकता है।

यह तनाव से ग्रसित व्यक्तियों को सामान्य स्थिति में वापस आने और सामान्य स्वस्थ जीवन जीने में मदद कर रहा है। इस ऐप में योग और मोटिवेशन लेर के वीडियो डाले जाते है। जिसे देखकर लोगों को तनाव से उबारने में मदद मिलती है।