
Electricity consumers must apply by September 30th to avail the discount (सोर्स: AI Image)
MP News: अगले महीने से बिजली उपभोक्ताओं के बिलों में सुरक्षा निधि समायोजन का एक नया भार बढ़ जाएगा। उपभोक्ता की बढ़ी हुई खपत से सुरक्षा निधि का समायोजन होगा। बीते साल करीब 20 फीसदी बिजली खपत बढ़ी है। ऐसे में अब अगले तीन माह इसी बढ़ी हुई खपत को तीन किस्तों में कंपनी आपसे वसूलेगी।
बिजली कंपनी 45 दिन की औसत खपत के बराबर की राशि सुरक्षा निधि में जमा कराती है। कंपनी उपभोक्ता के पिछले 12 महीनों के बिलों का विश्लेषण करती है और कुल खपत का औसत निकाला जाता है। निकाली गई औसत मासिक खपत को वर्तमान टैरिफ (बिजली दरों) से गुणा करके मासिक औसत बिल की गणना की जाती है। इसमें फिक्स्ड चार्ज (स्थिर प्रभार), एनर्जी चार्ज और अन्य लागू शुल्क शामिल होते हैं।
उदाहरण के तौर पर एक उपभोक्ता की 12 महीनों की औसत मासिक खपत 200 यूनिट है। वर्तमान टैरिफ के अनुसार, 200 यूनिट का मासिक बिल लगभग 1500 आता है। प्रतिदिन 50 रुपए की खपत हो गई। 45 दिनों में ये 2250 रुपए बनती है। अभी उपभोक्ता की 1500 रुपए सुरक्षा निधि जमा है तो अतिरिक्त 750 रुपए की तीन किस्तों में वसूली होगी। यानि अब 250 रुपए तीन माह तक अतिरिक्त जुड़कर आएंगे।
● आगामी बिजली बिलों में उपभोक्ताओं को यूल एंड पॉवर परचेस एडजस्टमेंट चार्ज भी बिल में देना होगा।
● बिजली बिल में ऊर्जा शुल्क का 4.67 फीसदी ये सरचार्ज जुड़ेगा। इससे 100 यूनिट पर करीब 50 रुपए अतिरिक्त राशि बिल में बढ़ जाएगी।
सुरक्षा निधि एडजस्टमेंट तय नियमों से होता है। उसके अनुसार ही इसे किया जाएगा। उपभोक्ताओं की राहत को देखते हुए ही इसे मानसून सीजन में तय किया जाता है।- क्षितिज सिंघल, एमडी, मध्यक्षेत्र बिजली कंपनी
बिजली के अवैध उपयोग की सूचना देने पर सूचनाकर्ता को 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इस राशि में से पांच प्रतिशत राशि का भुगतान संबंधित सूचनाकर्ता को सूचना सही पाए जाने पर जारी किए गए अंतिम निर्धारण आदेश के तुरंत बाद किया जाएगा तथा बाकि पांच प्रतिशत राशि पूर्ण वसूली के बाद दिया जाएगा।
Published on:
01 Jun 2025 12:45 pm
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