
Electricity Bill
Electricity Bill: अवैध कॉलोनियों में फंसकर सस्ती बिजली के लिए मोहताज लाखों उपभोक्ताओं को सरकार से दशहरा गिफ्ट दिया है। घोषित व अघोषित अवैध कॉलोनियों रहने वाले उपभोक्ताओं को सरकार बिजली के अधोसंरचनात्मक कामों के लिए मदद करेगी।
इससे सरकारी दरों पर बिजली का कनेक्शन लेकर उपयोग करना आसान हो जाएगा। सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर इसके लिए गुरुवार दो अलग-अलग योजना लागू कर दी है।
इस योजना का लाभ घरेलू के साथ ही उद्योगपतियों को भी मिलेगा। प्रदेश में हजारों उद्योगपति ऐसे हैं, जो आर्थिक मंदी और उद्योग-धंधे ठीक से नहीं चलने के कारण समय पर बिजली बिल नहीं दे रहे हैं। इन पर बिजली बिल के करोड़ों बकाया हैं। सरकार अब उनका सरचार्ज माफ कर किश्तों में बिल भुगतान करने का मौका देगी।
कुल बकाया राशि में से 20 फीसद का भुगतान एकमुश्त करना होगा। बाकी की राशि 3 से 5 किश्तों में अधिकतम 3 वर्ष की अवधि में जमा करने की छूट मिलेगी लेकिन इसके लिए बैंक गारंटी देनी होगी। सरचार्ज की राशि पूरी तरह माफ होगी। जिन उद्योगपतियों ने न्यायालय में केस दाखिल किए हैं, उन्हें उक्त योजना का लाभ लेने के लिए केस वापस लेने होंगे।
प्रदेश में 10 हजार से अधिक अवैध कॉलोनियां हैं। इनमें से 7981 अवैध कॉलोनियां चिह्नित हैं। इनमें मापदंडों के तहत बिजली व्यवस्था के लिए अधोसंरचनात्मक विकास नहीं किया है इसलिए बिजली कंपनियां रहवासियों को कनेक्शन नहीं दे रही है। बिल्डरों ने अपने नाम पर कनेक्शन ले रखे हैं, जहां से इन रहवासियों को महंगे दामों पर बिजली मिलती है।
इसमें अधोसंरचनात्मक निर्माण की कुल लागत में 75 फीसद की राहत दी जाएगी। केवल लागत की 25 फीसद राशि ही जमा करनी होगी। यह लाभ अवैध घोषित व अघोषित कॉलोनियों को मिलेगा। जिसमें व्यक्तिगत व समूह में कनेक्शन दिए जाएंगे। बिल्डर, कालोनाइजर और सोयाइटियों को लाभ नहीं मिलेगा। निकायों व कॉलोनी के वेल्फेयर एसोसिएशन को बिजली कंपनियों में आवेदन करना होगा। दो वर्ष की अवधि तक ही लाभ मिलेगा।
Published on:
11 Oct 2024 12:52 pm
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