Electricity bill hike in MP: बिजली बिल पहले से ही बढ़े हुए आ रहे हैं, अब नई दरें लागू करने से उपभोक्ताओं को बिल भुगतान में और भी ज्यादा बिल चुकाना होगा, जिससे बिजली उपभोक्ता की परेशानी और बढ़ेगी...
Electricity Bill Hike in MP : 'मेरी यूनिट कम खर्च हुईं हैं, लेकिन बिजली का बिल बढ़ा हुआ कैसे आ रहा है? कोई मुझे इसके गणित को समझाएगा?' बिजली उपभोक्ताओं की तरफ से ऐसी शिकायतों की संख्या तेजी से बढ़ी हैं। बिजली बिल में लग रहे कई प्रकार के प्रभार, टैक्स की दरों से बिजली बिल बढ़े हुए आ रहे हैं। हाल में बिजली की नई दरें तय की जा रही हैं, दिन रात की रीडिंग अलग होंगी। टाइम ऑफ द डे यानि सुबह तीन घंटे और रात को पांच घंटे 20 फीसदी महंगी होगी बिजली। जिसे उपभोक्ताओं पर भार बढ़ेगा।
बिजली कंपनी मध्यप्रदेश के उपभोक्ताओं के बिल में कई ऐसे चार्ज लगा रही है जिनका स्पष्ट खुलासा भी नहीं किया जाता है कि उनके लगाने की दर क्या है। बस इनका मकसद एक ही है बिल को बढ़ाना। इसे जटिल बनाने की बजाए पारदर्शिता लानी चाहिए। बिजली कंपनी को सबसे ज्यादा बिजली चोरी और लाइन लॉस रोकने पर ध्यान देना चाहिए। क्योंकि इनके कारण ही कंपनी घाटे में जाती है।
बिल की गणना
● ऊर्जा प्रभार
● सुरक्षा निधि
● नियत प्रभार
●विद्युत शुल्क
● ईंधन प्रभार
नोट- बिजली टैरिफ में तय दरों पर ये प्रभार लिए जाते हैं। प्रति यूनिट हर प्रभार का एक तय प्रतिशत है। उपभोक्ता खपत यूनिट के आधार और टैरिफ के अनुसार बिल बनाए तो टैक्स की गणना नहीं कर सकता।