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दुर्गा पंडालों में जलेगी 11 करोड़ की बिजली, 300 मेगावाट तक पहुंचेगी डिमांड

औसतन पांच हजार रुपए प्रति पंडाल के हिसाब से अस्थायी बिजली कनेक्शन

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Durga pandals

अस्थायी बिजली कनेक्शन

भोपाल. नवरात्र में दुर्गा पंडाल को रोशन करने के लिए नौ दिनों में लगभग 11 करोड़ रुपए की बिजली खर्च हो जाएगी। इंजीनियरों के अनुसार बिजली की मांग नवरात्र में रोजाना 75 लाख यूनिट होने की संभावना है। मेगावाट में देखें तो ये बिजली मांग 300 मेगावाट के उच्चतम स्तर तक पहुंचेगी। सामान्य दिनों में ये 250 मेगावाट के उच्चतम स्तर तक पहुंचती है।

नवरात्र के पहले दिन से खपत में 15 लाख यूनिट अतिरिक्त जुड़ जाएंगी-शहर में करीब डेढ़ हजार से अधिक दुर्गा पंडाल बनाए गए हैं। यहां रोशनी पर अतिरिक्त बिजली खर्च होगी। सामान्य दिनों में शहर में करीब 60 लाख यूनिट बिजली खपत हो जाती है। बिजली कंपनी के इंजीनियरों का कहना है कि सोमवार से यानि नवरात्र के पहले दिन से इस खपत में 15 लाख यूनिट अतिरिक्त जुड़ जाएंगी।

नवरात्र के पंडाल, गरबा की रोशनी पर 11 करोड़ रुपए की बिजली अतिरिक्त खर्च - प्रति यूनिट आठ रुपए के अनुसार अतिरिक्त खपत होने वाली बिजली करीब सवा करोड़ रुपए की बनेगी। यानि नवरात्र के पंडाल, गरबा की रोशनी पर 11 करोड़ रुपए की बिजली अतिरिक्त खर्च होगी।

औसतन पांच हजार रुपए प्रति पंडाल के हिसाब से अस्थायी बिजली कनेक्शन के अनुसार करीब 50 लाख रुपए का राजस्व मिलने की उम्मीद- बिजली कंपनी महाप्रबंधक जाहिद खान के अनुसार पंडाल के लिए बिजली कंपनी से अस्थायी कनेक्शन जरूर लें। अस्थायी कनेक्शन के लिए भार के अनुसार राशि तय है। औसतन पांच हजार रुपए प्रति पंडाल के हिसाब से अस्थायी बिजली कनेक्शन के अनुसार करीब 50 लाख रुपए का राजस्व मिलने की उम्मीद है।