22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाने वाले कर्मचारी को डराया, बोले- मेरा रिकॉर्ड पता कर लेना

अपने ही दफ्तर में भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाने पर कर्मचारी को डराया...।

3 min read
Google source verification

भोपाल

image

Manish Geete

Mar 28, 2023

bpl.png

भोपाल। मध्यप्रदेश के एक सरकारी दफ्तर में कर्मचारी ने ही अपने विभाग में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा दिया। इस पर बड़े अफसर ने कर्मचारी को बुलाकर धमकी भरे अंदाज में अपनी बातचीत में दूसरे को इंगित करते हुए गंदी-गंदी गालियां दीं और कहा कि डिंडोरी ट्रांसफर करा दूंगा तो समझ में आ जाएगी। अफसर की इन बातों का एक ऑडियो भी वायरल हो रहा है।

तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष एसएस रजक और भोपाल के जिला अध्यक्ष मोहन अय्यर ने विज्ञप्ति में यह जानकारी दी है। बताया गया है कि नापतौल विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी आरके द्विवेदी द्वारा सरकारी कागजों का प्रयोग करते हुए लाइसेंसधारी को धमकीभरे अंदाज में बात की गई, जिसका ऑडियो भी वायरल हुआ है। इस मामले में भी हमारे संगठन के प्रदेश सचिव उमाशंकर तिवारी को दबाने की कोशिश की गई।

यह है मामला

दरअसल, नापतौल विभागीय समिति के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए थे। जिसका मामला मीडिया में भी उजागर हो गया था। इसे लेकर नापतौल विभाग के नियंत्रक कैलाश बुंदेला ने 24 मार्च शाम 5 बजे अपने कमरे में उमाशंकर तिवारी को बुलाया। तिवारी के पहुंचते ही कैलाश बुंदेला उमाशंकर तिवारी पर मीडिया में प्रकाशित खबरें और तृतीय वर्ग कर्मचारी संगठन को लेकर नाराजगी भरे अंदाज में टिप्पणियां करने लगे।

बातचीत में दूसरों को इंगित करते हुए गंदी-गंदी गालियों से की बातें

बुंदेला ने उमाशंकर तिवारी से कहा कि तुम्हारा किस प्रकार का संगठन है, कहां का संगठन है, किसने तुम्हें बना दिया। बुंदेला ने कहा कि जिन विभागों से मैं आया हूं। वहां पूछ लेना, मैंने सब की नेतागिरी भुला दी है। दौड़ा-दौड़ा कर मारा है। उन्होंने दूसरे नेताओं का और दूसरी जगह का उल्लेख करते हुए जो वहां नहीं थे उनको गंदी-गंदी गालियों का प्रयोग करते हुए यह बातें बताईं। साथ ही यह भी कहा कि अब कोई भी खबर मीडिया में नहीं आना चाहिए। तुम ऑफिस थोड़ी चला रहे हो। उमाशंकर तिवारी की ओर से संविदा नीति का जो विरोध किया गया था, उसे लेकर भी काफी बात कही गई।

समर्थन में हैं कर्मचारी संगठन

विज्ञप्ति में कर्मचारी नेताओं ने कहा कि तिवारी द्वारा बताया गया कि नियंत्रक बुंदेला द्वारा काफी प्रताड़ना भरी बातें कही गई। डिंडोरी ट्रांसफर कर दूंगा तो समझ में आ जाएगी। तुम पर कार्रवाई कराऊंगा। अभी मुझे जानते नहीं हो। इस प्रकार की बातों से कहीं ना कहीं कर्मचारी संगठन हित में काम करने वाले संगठन के लोगों का मनोबल गिरता है। तिवारी ने विभाग के अहित में आज तक कोई काम नहीं किया है।

दबाव बनाने की हुई कोशिश

कर्मचारी संगठन ने कहा कि उमाशंकर तिवारी ने द्विवेदी जो कि विभाग से रिटायर हो गए हैं, उनके बारे में कार्रवाई के लिए निवेदन किया था, लेकिन तिवारी पर ही दबाव बनाने की कोशिश की गई जो लोकतंत्र में कहीं से भी उचित नहीं है।

बुंदेला द्वारा 4 अक्टूबर 2022 को जो स्थानांतरण किए गए हैं। उसमें भी शासन के नियमों की अवहेलना करते हुए कुछ साथियों को उनके स्थानांतरित स्थान पर जाए बगैर जहां पदस्थ थे, वहीं से वेतन दिया जा रहा है। इस बात को लेकर भी तिवारी ने उनका ध्यान आकर्षित कई बार कराया। इस पर भी बुंदेला नाराज हो गए। विभाग में अपने अधिकारी से उचित बात करना और अपने अधिकारों के लिए परेशान लोगों के लिए बोलने पर वरिष्ठ पद पर बैठे अधिकारी द्वारा कर्मचारी संगठन एवं विभाग के कर्मचारी नेता जो कि प्रदेश के सचिव भी हैं डराना-धमकाना कहीं से भी उचित नहीं है। इसको लेकर तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के द्वारा मुख्यमंत्री मंत्री, माननीय मंत्री खाद्य विभाग, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को ज्ञापन सौंपा गया।