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मनोरंजन कर बढ़ा, मौज-मस्ती के लिए चुकाना होगा टैक्स

MP News: बजट में नगर निगम का नया दांव, सिनेमा से लेकर गेम जोन और गरबा तक सब मनोरंजन कर के दायरे में...

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MP news Municipal Corporation

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MP News: राजधानी में अब फिल्म देखना, म्यूजिक कॉन्सर्ट का आनंद लेना या गेम जोन में वक्त बिताना महंगा होने जा रहा है। नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट में मनोरंजन कर की नई और सख्त दरों का प्रावधान किया है। मध्य प्रदेश नगर पालिका (मनोरंजन एवं आमोद) कर नियम 2018 के तहत जारी इस नए फरमान से अब शहर में होने वाले हर व्यावसायिक मनोरंजन कार्यक्रम पर निगम की नजर होगी। नगर निगम के इस कदम का सीधा असर आम आदमी की जेब और इवेंट आयोजकों के बजट पर पड़ना तय है। अभी तक आयोजक के प्रॉफिट का दस प्रतिशत टैक्स लगता था, लेकिन अब प्रति टिकट के हिसाब से टैक्स की गणना होगी।

सिनेमा हॉल: महंगी टिकट पर ज्यादा टैक्स

अगर आप मल्टीप्लेक्स में 400 रुपए की टिकट खरीदते हैं, तो उस पर अब सीधे तौर पर मनोरंजन कर का बोझ बढ़ेगा। निगम ने सिनेमाघरों के लिए टैक्स की दरों को टिकट की कीमतों से जोड़ा है। सिनेमा ग्राफ एक्ट 1952 के तहत लाइसेंस रखने वाले सिनेमाघरों के लिए प्रस्तावित दरें कुछ इस प्रकार हैं-

-99 रुपए तक की टिकट: 5 प्रतिशत कर।

-100 से 199 रुपए तक की टिकट: 10 प्रतिशत कर।

-200 रुपए से अधिक की टिकट: 15 प्रतिशत कर।

म्यूजिक कॉन्सर्ट और ड्रामा: क्षमता के हिसाब से वसूली

होटल, रिसॉर्ट या रेस्टोरेंट में होने वाले म्यूजिक बैंड कॉन्सर्ट, नृत्य प्रदर्शन या नाटक अब क्षमता के आधार पर टैक्स देंगे-

- 200 व्यक्तियों तक की क्षमता (टिकट 300 रुपए तक): 03 हजार रुपए।

- 201 से 500 व्यक्तियों तक (टिकट 301-500 रुपए तक): 10 हजार रुपए।

- 501 से 1000 व्यक्तियों तक (टिकट 501-1000 रुपए तक): 37.5 हजार रुपए।

- हजार से अधिक क्षमता और एक हजार से महंगी टिकट: सीधे 50 हजार रुपए का कर देय होगा।

पब, डिस्को और खेलों पर डेली चार्ज

निगम ने डिस्को, पब, क्लब और पूल क्लब के लिए प्रति दिन 10 हजार रुपए का कर प्रस्तावित किया है। यही नहीं, सर्कस, मेलों और सबसे लोकप्रिय गरबा आयोजनों (जिनमें टिकट या पास शुल्क है) पर भी 10 हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से टैक्स वसूल किया जाएगा। क्रिकेट, हॉकी जैसे खेलों के व्यावसायिक आयोजनों पर भी यही दर लागू होगी।

राहत: नि:शुल्क कार्यक्रमों पर छूट

यह कर केवल उन्हीं कार्यक्रमों पर प्रभावी होगा, जहां प्रवेश के लिए टिकट शुल्क, देय शुल्क या अग्रिम पास की सुविधा ली जा रही है। ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रम, जो आम जनता के लिए पूरी तरह नि:शुल्क हैं, उन्हें मनोरंजन कर के दायरे से बाहर रखा गया है।

-अंजू अरुण, अपर आयुक्त, निगम