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शिवराज सरकार ने गुपचुप बढ़ा दिया नगरीय निकायों में टैक्स, जनता पर बढ़ा बोझ

एक बार फिर शिवराज सरकार पर बरसे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, कहा- आपदा को अवसर के रूप में ले रही राज्य सरकार...।

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भोपाल

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Manish Geete

Apr 01, 2021

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Office Of Kamal Nath @OfficeOfKNath

भोपाल। मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार कोरोनाकाल की आपदा को भी अवसर के रूप में लेने का काम कर रही है। शिवराज सरकार ने गुपचुप तरीके से 1 अप्रैल से नगरीय निकायों में लगने वाले विभिन्न करों में वृद्धि कर दी है। वहीं जहरीली शराब से मरने वालों का सिलसिला अब तक जारी है।

यह आरोप मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) ने लगाया है। नाथ ने अपने ट्वीट के जरिए शिवराज सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि कोरोना महामारी में जनता पहले से ही आर्थिक मंदी, बेरोजगारी से जूझ रही है, व्यापार-व्यवसाय चौपट हो चुके हैं, नौकरियां जा चुकी हैं और ऐसे भीषण संकटकाल में भी शिवराज सरकार जनता को राहत प्रदान करने की बजाय उन पर करों का भारी बोझ लादने का तानाशाही भरा काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार ( madhya pradesh govt ) आपदा में भी अवसर के रूप में काम कर रही है। एक अप्रैल को शिवराज सरकार ( shivraj govt ) ने गजट नोटिफिकेशन कर प्रदेश के नगरीय निकायों में लगने वाले विभिन्न करों में वृद्धि कर दी है और नए कर थोपकर प्रदेश की जनता पर बोझ डालने जा रही है।

कमलनाथ (kamalnath) ने कहा कि आज आवश्यकता है कि जनता को महंगाई से राहत दिलाने के लिए, उन पर लगने वाले करों में कमी की जाए, पहले से ही प्रदेश की जनता महंगाई से राहत दिलाने के लिए पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले भारी भरकम करों में कमी की मांग कर रही है, राहत व कमी के बजाय शिवराज सरकार ने अब नगरीय निकाय में लगने वाले करों में मनमानी वृद्धि कर जनता की कमर तोड़ने का काम किया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार अविलंब इस वृद्धि को वापस लें अन्यथा कांग्रेस करों की इस वृद्धि का पुरजोर विरोध करेगी और इसके खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेगी।

मध्यप्रदेश में जहरीली शराब से जारी है मौत

कमलनाथ ने मध्यप्रदेश में जहरीली शराब से हो रही मौतों पर भी शिवराज सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि उज्जैन-मुरैना शराब कांड के बाद प्रदेश में शराब माफियाओं व ज़िम्मेदारों पर कड़ी कार्यवाही के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, सारे दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। शराब माफियाओं के हौसले बुलंद बने हुए है। उज्जैन, मुरैना के बाद अब भिंड में ज़हरीली शराब पीने से 5 लोगों की मौत की जानकारी सामने आयी है। पिछले एक वर्ष में प्रदेश में यह पांचवां शराब कांड है, प्रदेश में अब तक 50 से अधिक लोगों की जहरीली शराब से मौत हो चुकी है। हर कांड के बाद शिवराज सरकार सिर्फ दिखावटी विरोध, दिखावटी कार्रवाई के आदेश जारी करती है। माफियाओं को गाढ़ देने, लटका देने के जुमले गढ़ती है, लेकिन स्थिति जस की तस है।