5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

catch_icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पहली बार बच्चों को प्ले स्कूल भेज रहे पेरेंट्स की चिंताओं पर एक्सपट्र्स के समाधान.. लें पूरी जानकारी!

कुछ दिन घर में दें स्कूल सा माहौल बच्चे को डांटे नहीं समझाएं.... माता-पिता भी करें तैयारी, पॉजीटिव माहौल बनाना जरूरी

2 min read
Google source verification
play school

भोपाल। स्कूलो में नए सेशन शुरू हो गए हैं। कई बच्चे घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर पहली बार स्कूल में कदम रखेंगे। बच्चे के ये कदम स्वयं और परिवार दोनों की लाइफ में चेंजेंस लाते हैं। इस समय पेरेन्ट्स की सबसे बड़ी चिंता होती है स्कूल के चुनाव की। वे इसके चलते स्ट्रेस में आ जाते हैं कि बच्चा स्कूल कैसे जाएगा।

पेरेन्ट्स ये चाहते हैं कि वह स्कूल से डरे नहीं, शर्म और संकोच न करें। वह आत्मविश्वास से भरा हो। ऐसे में पेरेन्ट्स थोड़ी सी तैयारी कर लें तो बच्चे के स्कूल जाने के समय होने वाले तनाव और दबाव को टाला जा सकता है। एक्सपट्र्स का कहना है कि घर में बच्चे के लिए पॉजीटिव माहौल बनाना जरूरी है। बच्चा जब पहली बार स्कूल जाने की तैयारी कर रहा हो तो कई सारी बातों का ध्यान रखें। उनका हौसला बढ़ाएं। पेरेन्ट्स को चाहिए कि वे अपने बच्चों में जिज्ञासा और नए अनुभवों की इच्छा जगाएं और उनका समर्थन करें।

बच्चे को दें समय

स्कूलिंग शुरू होते ही उसकी लाइफस्टाइल में बदलाव आने लगता है। बच्चा जब स्कूल से लौटता है तो उसके पास बताने के लिए बहुत सी बातें होती हैं। ऐसे पेरेन्ट्स उसे समय दें। उसकी बातों को गौर से सुनेंगे तो उसके मन में हमेशा उत्साह बना रहेगा। अभी प्ले स्कूल के नाम पर कई ऐसे स्कूल्स भी हैं जिनका सिलेबस ही तय नहीं होता।

ऐसे में बच्चों का बेस तैयार नहीं हो पाता। प्ले के दौरान ही बच्चे का ओवरऑल डेवलपमेंट शुरू हो जाता है। उसका बेस मजबूत तो होता ही है। उसकी अभी की एक्टिविटी आगे के स्कूल में इंटरव्यू और टेस्ट में भी काम आती है।

बच्चों को ऐसे करें तैयार

बच्चे स्कूल जाने में घबराते हैं। इस घबराहट को दूर करना जरूरी है। बच्चा पेरेन्ट्स को छोड़कर जाने में घबराहट महसूस करता है। उसे डांटने की बजाए समझाएं कि स्कूलिंग क्यूं जरूरी है। वहां उसे उसकी उम्र के दोस्त मिलेंगे। वहां की एक्टिविटी के बारे में प्यार से समझाएं। उसे बताएं कि वहां फन गेम्स और म्यूजिक होगा। अक्सर बच्चे टीचर्स से डरते हैं ऐसे में वे स्कूल जाना पसंद नहीं करते। उनके इस डर को दूर करें। घर पर थोड़ा-सा स्कूलिंग माहौल क्रिएट करें ताकि बच्चा अपने आपको उस रूप में ढाल सके।

स्कूल बैग्स और बुक्स खरीदते समय उसे साथ रखें, ताकि उसके मन में स्कूल जाने के प्रति उत्सुकता पैदा हो। वो अपने आप को माहौल में ढाल सके। उसके लिए लंच बॉक्स खरीदते समय उसकी पसंद का विशेष ख्याल रखें। कोशिश करें कि टिफिन पर उसके फेवरेट हीरो या कॉटूर्न केरेक्टर का फोटो हो।

एडमिशन में रखें इनका ख्याल

मनोचिकित्सक सत्यकांत त्रिवेदी का कहना है कि पेरेन्ट्स को स्कूल का चुनाव करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। सिर्फ स्कूल का स्ट्रक्चर ही इंपोर्टेट नहीं है, इसके साथ स्कूल का वातावरण, पढ़ाने वाले टीचर्स का पैटर्न, करिकुलम स्ट्रक्चर, स्पेस, टीचर्स का पेशेंस लेवल, उनकी केयरिंग पर भी ध्यान दें।

साथ ही बच्चों की सिक्योरिटी, सेफ्टी और ट्रेंनिंग प्रोग्राम पर भी गौर करें। बच्चे के एडमिशन से पहले स्टाफ से एक बार जरूर मिलें ताकि पेरेन्ट्स वहां के माहौल को समझ सकें। टीचर्स और पेरेन्ट्स के बीच बॉन्डिंग होने के साथ ट्रांसपेरेंसी होना बहुत जरूरी होता है। इससे बच्चा एडजस्ट कर पाएगा।