
MP creates history with record exports of 66218 crores
Export MP: देश का फूड बास्केट कहलाने वाला प्रदेश जल्द ही देश दुनिया तक अपने उत्पादों की लंबी श्रृंखला पहुंचाएगा। पांच साल में प्रदेश से उत्पादों का निर्यात बढ़ा है। 2018-19 में जहां निर्यात 44,639 करोड़ का था। 2023-24 में यह बढ़कर 65,255 करोड़ रुपए का हो गया। जिन देशों में वेज फूड की कमी है, वहां प्रदेश वेजफूड के लिए डिहाइड्रेट उत्पाद मुहैया कराता है।
अमरीका, चीन जैसे देशों तक मध्य प्रदेश से उत्पाद भेजे जाते हैं। इसे देखते हुए सरकार अब निर्यात में और कसावट लाने जा रही है। इसके तहत हर उत्पाद के निर्यात की कुंडली बनाई जाएगी। सभी उत्पादों के आंकड़े एक ही छत के नीचे रहेंगे। इससे जहां उत्पादों की पूरी श्रृंखला एक साथ नजर आएगी, वहीं निर्यात की निगरानी भी आसान होगी। इतना ही नहीं, किसी उत्पाद के निर्यात में समस्या आई तो समय रहते इसे दूर भी किया जा सकेगा। अभी-अभी खाद्य, उद्यानिकी, वाणिज्य सहित अन्य अलग-अलग निर्यात के आंकड़े विकेंद्रीकृत हैं।
अभी लक्ष्य से पीछे प्रदेश ने दो साल पहले निर्यात के नए लक्ष्य तय किए थे। वर्ष 2030 तक 4 लाख करोड़ के निर्यात तक पहुंचने का लक्ष्य रखा। लेकिन यह लक्ष्य अभी काफी पीछे है। वर्ष 2023-24 में प्रदेश से 65255 करोड़ रुपए के सामान भेजे गए। अब निर्यात में तेजी लाने के प्रयास होंगे। इसी कड़ी में एक जिला एक उत्पाद पर भी काम हुआ, उसमें भी अपेक्षाकृत सफलता नहीं मिली।
अभी गेहूं, चावल, दवाइयां, उद्यानिकी फसल और उत्पाद का निर्यात अच्छा है। सरकार के पास चुनिंदा उत्पादों के निर्यात के पूरे आंकड़े हैं, लेकिन कोई कॉमन प्लेटफार्म न होने से सभी आंकड़े एक साथ मिलेंगे। अब इस पर काम होगा। निगरानी में कसावट आएगी। अभी कई स्टार्टअप बेहतर निर्यात कर रहे हैं। इसलिए भी यह सेक्टर फोकस में रहेगा।
अब इन कदमों से सुधरेगी स्थिति
-ब्रांडिंग
सरकार निर्यात का व्यापक स्वरूप बनाएगी। इससे एमपी की देश और विदेशों में अच्छी ब्रांडिंग होगी।
-उत्पाद
निर्यात वाले सभी उत्पादों की कुंडली बनेगी। चयन आसान होगा। निर्यातकों के लिए सम्मेलन की भी तैयारी है।
बड़े सेक्टर में निर्यात बढ़ाया जाएगा। अभी गेहूं, धान, दवा, उद्यानिकी इनमें खास हैं। इस साल ही 3634 करोड़ का चावल निर्यात किया गया है। वहीं, 11889 करोड़ के फार्मा उत्पाद का बीते साल बाहर भेजे गए। इसके अलावा अन्य उत्पादों पर भी अब फोकस रहेगा।
उद्यानिकी फसलों व उत्पाद की जानकारी अभी बिखरी है। इसके लिए डेटा कलेक्शन होगा। यह एक ही जगह रहेगा।
गेहूं, धान और दवा के डेटा अभी बेहतर एकत्र होते हैं। बाकी उत्पादों की बारीकी से स्क्रूटनी होगी। फिर रिपोर्ट बनेगी।
अमरीका, चीन, आस्ट्रेलिया, रूस, जर्मन, ब्रिटेन, फ्रांस, बांग्लादेश, कोरिया, जापान, ईरान, ईराक, दुबई, तुर्की, न्यूजीलैंड समेत करीब 50 से ज्यादा देशों में निर्यात अधिक होता है।
मध्य प्रदेश से निर्यात लगातार बढ़ रहा है। इसमें वृद्धि के और भी प्रयास किए जा रहे हैं। हर उत्पाद का डेटा लेने पर काम कर रहे हैं। इससे प्रदेश की ब्रांडिंग देश और दुनिया में बढ़ेगी।
- चेतन काश्यप, मंत्री, एमएसएमई
-
Published on:
16 Nov 2024 11:13 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
