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दिग्विजय के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह ने किया परिवारवाद का विरोध, भाजपा बोली- तारीफ-ए-काबिल

भाजपा बोली- कांग्रेस ने डेलिगेट को फैमिलीगेट बना दिया...।

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भोपाल

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Manish Geete

Feb 21, 2023

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भोपाल। रायपुर में 24 फरवरी से होने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन से चार दिन पहले जारी हुई डेलिगेट्स की सूची के बाद एक बार फिर परिवारवाद का मुद्दा हावी हो गया। मध्यप्रदेश के 99 सदस्यों में कई दिग्गज नेताओं के पुत्रों, भाई और रिश्तेदारों को भी AICC में सदस्य बनाया गया है। मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह ने तो अपना नाम वापस लेने की अपील करते हुए एक आदिवासी नेता को स्थान देने की अपील कर दी है। इसे लेकर एक बार फिर भाजपा को बोलने का मौका मिल गया है।

आल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को कई राज्यों के कांग्रेस नेताओं को सदस्य बनाया है। यह सदस्य रायपुर में 24 से 26 फरवरी के बीच होने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में हिस्सा लेंगे और जरूरत पड़ने पर वोटिंग भी कर सकेंगे। इस सूची में तीन पिता-पुत्रों के नाम भी शामिल हैं। इनमें कमलनाथ-नकुल नाथ, दिग्विजय-जयवर्धन सिंह और कांतिलाल भूरिया-विक्रांत भूरिया भी शामिल है। इसके अलावा दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह और भतीजे प्रियव्रत सिंह भी शामिल हैं। इस लिस्ट में सबसे ज्यादा कमलनाथ के समर्थक शामिल हैं।

लक्ष्मण सिंह का ट्वीट चर्चाओं में

चांचौड़ा से कांग्रेस विधायक एवं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह (lakshman singh) का ताजा ट्वीट चर्चाओं में है। 99 लोगों के सदस्यों में उनका नाम भी शामिल हुआ है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि रायपुर में हो रहे अधिवेशन में मेरे स्थान पर हीरा अलावा को आमंत्रित किया जाए। वे एक बड़े आदिवासी नेता हैं, उनके सहयोग से पहले भी सरकार बनी थी और अभी भी बनेगी।

लक्ष्मण सिंह के ट्वीट के बाद गर्माई राजनीति

कांग्रेस नेता लक्ष्मण सिंह ने अपना नाम हटाकर एक आदिवासी नेता का नाम बढ़ाने की पैरवी करके परिवारवाद के मुद्दे को एक बार फिर हवा दे दी है। कांग्रेस ने हाल ही में गांधी परिवार से अलग हटकर कांग्रेस का अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे को बनाया है। कांग्रेस कहीं न कहीं अपनी परिवारवाद की छवि को हटाने का प्रयास भी कर रही है। लेकिन, डेलिगेट्स की ताजा सूची में मध्यप्रदेश के तीन दिग्गज नेताओं के पुत्रों को भी शामिल किया गया है। वहीं कुछ रिश्तेदारों को भी शामिल किया गया है। इसे लेकर एक बार फिर परिवारवाद का मुद्दा उठने लगा है।

बीजेपी बोली- डेलिगेट नहीं, फैमिलीगेट

परिवारवाद पर भाजपा को एक बार फिर बोलने का मौका मिल गया। भाजपा के दिग्गज नेता डॉ. हितेष वाजपेयी ने लक्ष्मण सिंह के फैसले की जमकर तारीफ की है। वाजपेयी ने कहा है कि लक्ष्मण सिंह बहुत वरिष्ठ नेता है और उन्होंने इस बात को बड़े ही अच्छे से रखा है। परिवारवाद का कांग्रेस में जो डेलिगेट को फैमिलीगेट बना दिया। उसका कांग्रेस नेता ने प्रत्यक्ष रूप से जो विरोध किया है, वो अभिनंदन के योग्य है। बिल्कुल ठीक नाम दिया है कि कांग्रेस को कम से कम आदिवासी नेताओं को, जो उनके पीछे इतना घूमती है, उन्हें डेलिगेट बनाकर भी तो बुलाए। केवल कुछ परिवारों के ही बाप-बेटे आते रहेंगे तो ये क्या कांग्रेस हुई क्या। बहुत अच्छी बात लक्ष्मण सिंह ने कही है, उनको साधुवाद। जो डेलिगेट का जो फैमिलीगेट बनाया है, उसका जो विरोध उन्होंने दर्ज कराया है, वाकई में स्वागतयोग्य है।

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